Manipur violence: तलाशी अभियान के बाद मणिपुर में बवाल, असम राइफल्स के तीन वाहन फूंके

मणिपुर के सेनापति जिले में एक विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर चलाए गए तलाशी अभियान के बाद अचानक हिंसा भड़क गई।

Manipur violence

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 15, 2026

Manipur violence: मणिपुर के सेनापति जिले से एक बार फिर बड़े पैमाने पर हिंसा और तनाव की खबर सामने आई है। मंगलवार रात को एक उत्तेजित और हिंसक भीड़ ने असम राइफल्स के एक रणनीतिक कैंप पर धावा बोल दिया। भीड़ ने न केवल कैंप परिसर पर भारी पथराव किया और तोड़फोड़ की, बल्कि सुरक्षा बलों की संपत्ति को निशाना बनाते हुए उनके तीन वाहनों को आग के हवाले भी कर दिया। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह हिंसक घटना उस समय हुई जब असम राइफल्स की टीम ने एक विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर इलाके में एक सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया था।

Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक की हालत पर चिंता गहराई, अनशन को लेकर हाई कोर्ट में याचिका

विश्वसनीय इनपुट पर शुरू हुआ था सर्च ऑपरेशन

रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, असम राइफल्स को एक बेहद पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी कि माकुइलोंगदी इलाके में कुछ भारी हथियारबंद उग्रवादी सक्रिय हैं और किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं। भौगोलिक दृष्टि से यह संवेदनशील स्थान एनएससीएन-आईएम (NSCN-IM) के ओकलोंग स्थित पहले से निर्धारित कैंप से महज दो किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। उग्रवादियों की मौजूदगी की भनक लगते ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और रात में ही गश्त व तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

सीजफायर नियमों के उल्लंघन से बढ़ा तनाव

अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि खुफिया रिपोर्टों और कुछ संदिग्ध सोशल मीडिया पोस्ट से यह साफ संकेत मिले थे कि प्रतिबंधित संगठनों के कई हथियारबंद उग्रवादी अपने तय शिविरों से बाहर निकलकर खुलेआम हथियारों और युद्धक वर्दी के साथ घूम रहे हैं। सुरक्षा बलों के अनुसार, यह हरकत दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के नियमों का सीधा और गंभीर उल्लंघन थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस पूरे घटनाक्रम और नियमों के उल्लंघन की औपचारिक जानकारी सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप (CFMG) को भी तुरंत दे दी गई थी।

ग्रामीणों और महिलाओं ने किया सुरक्षा बलों का विरोध

जैसे ही असम राइफल्स की टुकड़ी तलाशी अभियान को आगे बढ़ाते हुए माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांवों के भीतरी हिस्सों की तरफ बढ़ी, स्थानीय ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक दिया। सुरक्षा बलों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं सड़कों पर आ गईं और जवानों के सामने मानव श्रृंखला बना ली। स्थानीय लोगों के इस कड़े प्रतिरोध के कारण पूरे इलाके में अचानक भारी तनाव फैल गया और स्थिति अनियंत्रित होने लगी।

आधी रात को कैंप का घेराव और हिंसक पथराव

अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब नौ बजे खुफिया तंत्र से सूचना मिली कि सेनापति मुख्य शहर में भारी तादाद में लोग इकट्ठा हो रहे हैं और वे असम राइफल्स के कैंप की तरफ मार्च करने की योजना बना रहे हैं। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बलों की टीम तुरंत अपना तलाशी अभियान स्थगित कर वापस अपने बेस पर लौट आई।

कैंप पर सीधा हमला: सुरक्षा बलों की वापसी के बावजूद, रात लगभग 9:30 बजे हजारों की हिंसक भीड़ असम राइफल्स के कैंप के मुख्य द्वार तक पहुंच गई। उग्र भीड़ ने कैंप पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया और परिसर के भीतर घुसकर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ तथा आगजनी का प्रयास किया।

वाहनों में आगजनी और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई

इस भीषण हिंसा के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने असम राइफल्स के एक हल्के सैन्य वाहन को आग के हवाले कर दिया, जिससे वह पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इसके अलावा, भीड़ ने सेना के दो बड़े ट्रकों को पलट दिया और उन्हें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस अफरा-तफरी और आगजनी की चपेट में आकर वहां खड़ी एक आम नागरिक की कार भी पूरी तरह जल गई।

जब स्थिति पूरी तरह हाथ से निकलती दिखी, तो असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर भीड़ को खदेड़ने के लिए न्यूनतम आवश्यक बल (Minimum Force) का प्रयोग किया। स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए तत्काल सेनापति जिला पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त कुमुक मौके पर बुलाई गई। संयुक्त सुरक्षा बलों की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात हालात पर काबू पाया जा सका। फिलहाल पूरे सेनापति जिले में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है और पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए मामले की गहन जांच कर रही है।

CJI News: CJI पर अभद्र टिप्पणी के बाद कार्रवाई, कोर्ट में बवाल करने वाले 2 छात्र गिरफ्तार