Manipur Burning: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से एक बार फिर हिंसा और उग्रवादी हमले की बेहद दुखद खबर सामने आई है। मणिपुर के संवेदनशील उखरुल जिले में अज्ञात उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए अचानक घात लगाकर हमला कर दिया। इस कायरतापूर्ण हमले में देश की रक्षा करते हुए असम राइफल्स के दो बहादुर जवान शहीद हो गए हैं, जबकि कई अन्य जवानों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। सैन्य मुख्यालय ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त कुमुक भेज दी है। पूरे उखरुल जिले को चारों तरफ से सील कर दिया गया है और उग्रवादियों की धरपकड़ के लिए भारतीय सेना और असम राइफल्स द्वारा एक साझा व बड़ा सर्च ऑपरेशन (खोजी अभियान) शुरू किया गया है।
लखपति दीदी अभियान से ग्रामीण महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर उद्यमी
कायरतापूर्ण हरकत पर भड़के राज्यपाल, राजभवन ने जारी किया कड़ा बयान
इस दर्दनाक और कायरतापूर्ण उग्रवादी हमले पर मणिपुर के राज्यपाल ने गहरा दुख और तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। राजभवन (राज्यपाल कार्यालय) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई है।
शांति बहाली का संकल्प: राज्यपाल ने कहा कि हमारे सभ्य समाज में हिंसा की ऐसी कायरतापूर्ण हरकतों के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। यह हमला राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के हमारे सामूहिक और दृढ़ संकल्प को कभी कमजोर नहीं कर सकता।
शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना: राज्यपाल ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले दोनों शहीद जवानों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दुख की इस अत्यंत कठिन घड़ी में पीड़ित परिवारों को संबल और साहस प्राप्त हो।
घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना: राज्यपाल कार्यालय ने घटना में गंभीर रूप से घायल हुए अन्य सैनिकों के जल्द से जल्द पूरी तरह ठीक होने और उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
न्यू हेवन में असम राइफल्स की नई चौकी को लेकर चल रहा था विवाद
असम राइफल्स के जवानों पर हुआ यह घातक हमला उस पृष्ठभूमि में हुआ है, जब पिछले कुछ हफ्तों से उखरुल जिले के स्थानीय निवासियों और असम राइफल्स के बीच एक विशिष्ट मुद्दे को लेकर गंभीर गतिरोध बना हुआ था। हाल ही में इस इलाके में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़पें हुई थीं, जिसमें चार आम नागरिक घायल हो गए थे। विवाद की मुख्य वजह न्यू हेवन क्षेत्र में असम राइफल्स की एक नई सुरक्षा चौकी (पिकेट) स्थापित किए जाने की योजना थी।
स्थानीय ग्रामीणों और छात्र संगठनों का सुरक्षाबलों पर आरोप
स्थानीय ग्रामीणों, महिला संगठनों और छात्र समूहों (Student Groups) का आरोप है कि लंबुई गांव में पहले से तैनात असम राइफल्स के लगभग 40 जवानों ने न्यू हेवन इलाके में नई चौकी बनाने का प्रयास किया था। ग्रामीणों का दावा है कि इस निर्माण से पहले स्थानीय प्रशासन या ग्राम अधिकारियों से कोई विचार-विमर्श या सलाह-मशविरा नहीं किया गया था। इसी बात का विरोध करने जब स्थानीय महिलाएं और युवा सड़कों पर उतरे, तो प्रदर्शन उग्र हो गया। गतिरोध को शांत करने के लिए जवानों द्वारा कथित तौर पर लाठीचार्ज और आत्मरक्षार्थ हवाई फायरिंग की गई, जिसके कारण झड़प में चार नागरिक घायल हो गए थे। इसी नागरिक असंतोष के बीच अब उग्रवादियों ने इस पूरे विवादित माहौल का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों पर यह बड़ा हमला बोल दिया है।
जिला प्रशासन की बैठक में रियल एस्टेट पर बड़ा फैसला, नई दरें जल्द लागू होंगी










