Mandya Murder Case: प्रॉपर्टी विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की बेरहमी से हत्या, गांव में सनसनी

कर्नाटक के मंड्या में रिश्तों का कत्ल! पुश्तैनी जमीन के एक टुकड़े के लिए बड़े भाई ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। सोते हुए छोटे भाई पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत की नींद सुला दिया। क्या यह सिर्फ जमीन का विवाद था या कोई पुरानी रंजिश?

Mandya Murder Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 16, 2026

Mandya Murder Case: कर्नाटक के मंड्या जिले से एक बेहद चौंकाने और दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहां एक बड़े भाई ने पारिवारिक संपत्ति विवाद के चलते अपने ही छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। यह कोई साधारण हमला नहीं था, बल्कि सुनियोजित और अत्यंत क्रूर वारदात बताई जा रही है, जिसमें बड़े भाई के साथ उसके दो बेटे भी शामिल थे।

मायप्पनहल्ली गांव में हुई निर्मम हत्या

यह घटना मंड्या जिले के मायप्पनहल्ली गांव की है, जहां बुधवार सुबह 30 वर्षीय युवक योगेश की उसके ही घर में हत्या कर दी गई। आरोप है कि योगेश के बड़े भाई लिंगाराजु और उसके दोनों बेटे भरत तथा दर्शन ने मिलकर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि योगेश पर कुल 28 बार चाकू से वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

शादी से पहले उजड़ गया घर

इस हत्याकांड को और भी दर्दनाक बनाने वाली बात यह है कि मृतक योगेश की शादी अगले बुधवार को तय थी। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं और खुशी का माहौल था, लेकिन इससे पहले ही यह खौफनाक घटना घट गई। हत्या के वक्त योगेश अपने घर में मौजूद था, जहां हमलावरों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया।

प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या की वजह

गांववालों और परिजनों के मुताबिक, लिंगाराजु और योगेश के बीच पिछले कई वर्षों से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। जमीन और घर के बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों में अक्सर झगड़े होते रहते थे। गांव के बुजुर्गों और रिश्तेदारों ने कई बार दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन हर बार विवाद और गहरा होता चला गया।

वारदात के बाद आरोपी फरार

हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी लिंगाराजु और उसके दोनों बेटे मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोरागोडू पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मौका नहीं है जब संपत्ति विवाद ने खून के रिश्तों को खत्म कर दिया हो। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, जहां भाई ने भाई की जान ली या बेटे ने माता-पिता की हत्या कर दी। ऐसे मामले समाज को झकझोर कर रख देते हैं।

रिश्तों से ऊपर जमीन का सवाल

मंड्या की यह घटना एक बार फिर गंभीर सवाल खड़ा करती है कि क्या जमीन और संपत्ति का एक टुकड़ा इंसानी रिश्तों से भी ज्यादा कीमती हो गया है? खून के रिश्तों में बढ़ती हिंसा यह सोचने पर मजबूर करती है कि पारिवारिक मूल्यों में लगातार गिरावट क्यों आ रही है। यह सवाल समय के साथ और भी गहराता जा रहा है।

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