Bengal Strong Room : ‘सर्विलांस पर थीं ममता’, स्ट्रॉन्ग रूम में क्या कर रही थीं सीएम? शुभेंदु ने जारी की फोटो

पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों से पहले शुभेंदु अधिकारी ने एक सनसनीखेज तस्वीर जारी की है। इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कथित तौर पर स्ट्रॉन्ग रूम के प्रतिबंधित क्षेत्र में नजर आ रही हैं। शुभेंदु का आरोप है कि सीएम खुद निगरानी (सर्विलांस) पर थीं, फिर भी सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर क्यों गईं? क्या यह महज शिष्टाचार था या खेल?

Bengal Strong Room

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 1, 2026

Bengal Strong Room : पश्चिम बंगाल की राजनीति में 30 अप्रैल की रात एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम की गवाह बनी। मतगणना से ठीक पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोपों और स्ट्रांगरूम की सुरक्षा को लेकर मचे घमासान ने पूरे राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुद आधी रात को मैदान में उतरना इस बात का संकेत है कि आने वाले परिणाम दोनों ही पक्षों के लिए कितने निर्णायक होने वाले हैं।

ईवीएम सुरक्षा को लेकर टीएमसी का धरना और भारी हंगामा

30 अप्रैल की देर रात पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर मोर्चा खोल दिया। पार्टी का आरोप था कि स्ट्रांगरूम के बाहर पहरेदारी कर रहे उनके कार्यकर्ताओं को केंद्रीय बलों ने जानबूझकर वहां से हटा दिया है। टीएमसी नेताओं का दावा है कि यह स्ट्रांगरूम के अंदर रखी मशीनों से छेड़छाड़ करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। इस विरोध प्रदर्शन ने तब गंभीर रूप ले लिया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कार्यकर्ताओं का साथ देने स्ट्रांगरूम पहुंच गईं।

ममता बनर्जी का स्ट्रांगरूम में चार घंटे का प्रवास और आरोप

भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार रात को करीब चार घंटे तक ईवीएम स्ट्रांगरूम के भीतर रहीं। रात 12:07 बजे बाहर निकलने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई हिस्सों से ईवीएम में अनियमितताओं की खबरें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने के बाद ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से वहां जाने का फैसला किया। ममता ने यह भी दावा किया कि शुरुआत में केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उन्हें भीतर जाने से रोकने की कोशिश की थी।

शुभेंदु अधिकारी का पलटवार: ‘सीएम पर रखी जा रही है कड़ी नजर’

ममता बनर्जी के प्रतिद्वंद्वी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को किसी भी तरह का अनुचित लाभ उठाने से रोकने के लिए उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी ने जनता को आश्वस्त किया कि वह नियमों के बाहर कोई भी गतिविधि नहीं कर पाएंगी। उन्होंने इसे ममता बनर्जी की हताशा करार देते हुए कहा कि बैलेट बॉक्स और ईवीएम की सुरक्षा अब अभेद्य है।

मतगणना प्रक्रिया को लेकर ममता बनर्जी की सख्त चेतावनी

मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि वह जनता के जनादेश के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए चेतावनी दी कि यदि 4 मई को होने वाली मतगणना की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर धांधली या छेड़छाड़ की कोशिश की गई, तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतगणना पूरी होने तक सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

चुनाव आयोग का बयान: ‘आरोप निराधार, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम’

विवाद बढ़ता देख पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि मतगणना केंद्रों और स्ट्रांगरूम की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश नहीं है। पूरे परिसर की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जिसका लाइव फीड बाहर मौजूद एजेंट भी देख सकते हैं। आयोग ने ममता बनर्जी और टीएमसी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के सुरक्षा बलों पर संदेह करना अनुचित है। आयोग ने शांतिपूर्ण मतगणना का भरोसा दिलाया है।

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