West Bengal Elections 2026 : एग्जिट पोल को नकारा, ममता ने किया 226+ सीटों का दावा, क्या फिर होगा खेला?

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में भाजपा और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर दिखाई गई है। लेकिन सीएम ममता बनर्जी ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए 226 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत का दावा किया है। क्या ममता की यह भविष्यवाणी सही साबित होगी या बंगाल में सत्ता परिवर्तन होगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 30, 2026

West Bengal Elections 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सभी चरणों का मतदान संपन्न होने और विभिन्न न्यूज चैनलों के एग्जिट पोल सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ राज्य में ‘मां-माटी-मानुष’ की सरकार की वापसी का दावा किया है। ममता बनर्जी ने कहा कि टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे अनुमानों से विचलित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) 294 सदस्यीय विधानसभा में 226 से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। उन्होंने एग्जिट पोल को मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा बताते हुए कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील की।

बंगाल की जनता और कार्यकर्ताओं का आभार

एक भावुक वीडियो संदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने बंगाल के मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि चिलचिलाती गर्मी, प्रशासनिक दबाव और मन में व्याप्त डर के बावजूद जिस तरह से लोगों ने लंबी कतारों में लगकर लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लिया, वह वंदनीय है। ममता ने टीएमसी कार्यकर्ताओं की भी सराहना की, जिन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर पार्टी के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी की होगी जिन्होंने बाहरी ताकतों के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया।

भाजपा पर लगाया भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि एग्जिट पोल के आंकड़े जानबूझकर ‘प्लान’ किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हार के डर से जानबूझकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है ताकि मतगणना से पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा जा सके और आम जनता में निराशा फैलाई जा सके। ममता ने स्पष्ट किया कि बंगाल के लोग उनके साथ हैं और उन्हें जनता के विवेकपूर्ण फैसले पर अटूट विश्वास है। उन्होंने दावा किया कि जमीनी हकीकत टीवी स्क्रीन पर दिखाई जा रही तस्वीरों से बिल्कुल अलग है।

प्रशासनिक पक्षपात और हिंसा पर जताई चिंता

चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुई हिंसा और प्रशासनिक व्यवहार पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव के दिन केंद्रीय बलों और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया चिंताजनक रहा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों तक को परेशान किया गया। उदयनारायणपुर में मतदान के दौरान अपनी जान गंवाने वाले व्यक्ति के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी रहेगी। ममता ने यह भी दावा किया कि कई पोलिंग एजेंटों को जानबूझकर गिरफ्तार किया गया ताकि वे मतगणना प्रक्रिया में बाधा न डाल सकें।

मतगणना के दिन के लिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने अपने उम्मीदवारों और एजेंटों को आगाह किया है कि मतगणना के दिन (Counting Day) वे अपनी जिम्मेदारी में कोई ढिलाई न बरतें। उन्होंने निर्देश दिया कि स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर काउंटिंग सेंटर तक हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए। ममता ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “काउंटिंग खत्म होने तक कोई भी अपनी टेबल नहीं छोड़ेगा।” उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी को ब्रेक की जरूरत हो, तो वह अपनी जगह किसी अत्यंत भरोसेमंद व्यक्ति को तैनात करे, लेकिन निगरानी में एक मिनट की भी चूक नहीं होनी चाहिए।

स्वयं मोर्चा संभालने और शांति बनाए रखने की अपील

ममता बनर्जी ने घोषणा की कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं काउंटिंग सेंटर पर मौजूद रहकर निगरानी करेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जब जनता के अधिकारों की रक्षा की बात हो, तो उन्हें आखिरी दम तक लड़ना होगा। हालांकि, उन्होंने शांति और संयम बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। ममता ने कहा कि किसी भी प्रकार के उकसावे में न आएं और यदि कोई हमला या अवैध गतिविधि होती है, तो उसका जवाब केवल कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने अंत में दोहराया कि बंगाल बाहरी लोगों के दबदबे को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

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