Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लगाए गए ‘विक्टिम कार्ड’ के आरोपों का करारा जवाब दिया है। पुरुलिया में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने शाह के बयानों को संवेदनहीन करार दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी चोटें कोई राजनीतिक स्टंट नहीं हैं। ममता ने भावुक होते हुए कहा, “वे कहते हैं कि मैं पट्टी बांधकर घूमती हूं, लेकिन सच्चाई यह है कि मैंने मौत से लड़ाई लड़ी है।” उन्होंने शाह को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें संदेह है, तो उन्हें मेडिकल रिपोर्ट देखनी चाहिए। ममता ने याद दिलाया कि उन पर पहले भी हमले हुए हैं और चोट के कारण ही वे प्लास्टर लगवाकर व्हीलचेयर पर चुनाव प्रचार करने को मजबूर हुई थीं।
अमित शाह की टिप्पणी: चुनाव और चोट का पुराना रिश्ता
ममता बनर्जी की यह प्रतिक्रिया अमित शाह के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि बंगाल में चुनाव आते ही मुख्यमंत्री को चोट लग जाती है। शाह ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी सहानुभूति बटोरने के लिए कभी पैर तुड़वा लेती हैं तो कभी सिर पर पट्टी बांध लेती हैं। शाह ने इसे ‘विक्टिम कार्ड पॉलिटिक्स’ का नाम देते हुए कहा था कि बंगाल की जनता अब इस तरह के नाटक को समझ चुकी है और यह राजनीति अब राज्य में सफल नहीं होने वाली है। शाह के इसी प्रहार ने बंगाल की चुनावी तपिश को और बढ़ा दिया है।
खान-पान पर खतरा और भाजपा की नीतियों की आलोचना
रैली के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा पर सांप्रदायिक और खान-पान की स्वतंत्रता पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अगर भारतीय जनता पार्टी बंगाल की सत्ता में आती है, तो राज्य के लोगों की जीवनशैली बदल जाएगी। ममता ने कहा, “बीजेपी बंगाल में सत्ता में आई तो लोग अपनी पसंद का नॉन-वेज खाना भी नहीं खा पाएंगे।” इसके अलावा, उन्होंने केंद्र की आर्थिक योजनाओं पर निशाना साधते हुए जनता को आगाह किया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए कुछ पैसे बांटेगी, लेकिन जैसे ही चुनाव समाप्त होंगे, इन सभी वित्तीय लाभों और योजनाओं को बंद कर दिया जाएगा।
गुजरात दंगों का जिक्र और भाजपा की ‘चार्जशीट’ पर सवाल
ममता बनर्जी ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ जारी की गई चार्जशीट पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जो लोग टीएमसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें अपने गिरहबान में झांकना चाहिए। ममता ने कहा, “बीजेपी के नेता कल हमारे खिलाफ चार्जशीट लेकर आए थे, लेकिन हकीकत में चार्जशीट तो उन लोगों के खिलाफ होनी चाहिए जो गुजरात दंगों के आरोपी हैं।” उन्होंने भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केरल में चुनावी शंखनाद
एक तरफ जहां बंगाल में जुबानी जंग तेज है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण भारत के किले को भेदने के लिए केरल पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी आज से केरल में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री दोपहर करीब 2:30 बजे पलक्कड़ के प्रसिद्ध फोर्ट मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां वे एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाएंगे। इसके पश्चात, शाम 4:45 बजे वे त्रिशूर में एक मेगा रोड शो का नेतृत्व करेंगे। केरल में भाजपा अपनी पैठ मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के करिश्मे और विकास के एजेंडे पर भरोसा कर रही है।
बंगाल से केरल तक चुनावी सरगर्मी
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य यह दर्शाता है कि 2024 के चुनावों के लिए गठबंधन और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। ममता बनर्जी जहां बंगाल की अस्मिता और अपनी चोट को मुद्दा बना रही हैं, वहीं भाजपा इसे चुनावी पैंतरेबाज़ी बता रही है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत में प्रधानमंत्री की सक्रियता यह संकेत देती है कि इस बार मुकाबला केवल पारंपरिक गढ़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर राज्य में कड़ा संघर्ष होने वाला है।









