नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: पहली बार देवजी सहित दो शीर्ष माओवादी नेताओं ने डाले हथियार

जगदलपुर माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक झटका लगा है। पोलित ब्यूरो सदस्य टिप्पिरी थिरुपथी उर्फ देवजी उर्फ कुम्मा दादा ने अपने तीन शीर्ष साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी ने तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। देवजी के साथ जिन बड़े माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण किया, उनमें केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम, स्टेट कमेटी मेंबर बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर, स्टेट कमेटी सदस्य नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना उर्फ सन्नू दादा शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण कई मायनों में ऐतिहासिक माना

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Published On :

फ़रवरी 24, 2026

जगदलपुर

माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक झटका लगा है। पोलित ब्यूरो सदस्य टिप्पिरी थिरुपथी उर्फ देवजी उर्फ कुम्मा दादा ने अपने तीन शीर्ष साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी ने तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

देवजी के साथ जिन बड़े माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण किया, उनमें केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम, स्टेट कमेटी मेंबर बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर, स्टेट कमेटी सदस्य नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना उर्फ सन्नू दादा शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार दो केंद्रीय स्तर के माओवादी नेताओं ने एक साथ हथियार डाले हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, लगातार बढ़ते फोर्स प्रेशर, सघन ऑपरेशनों और संगठन के भीतर कमजोर पड़ते नेटवर्क के चलते यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वहीं इसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

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