Arvind Kejriwal PC: अरविंद केजरीवाल ने E-20 पेट्रोल को बताया मिलावटी, सरकार से रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित 'नेशनल टाउन हॉल' में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मिलावटी ईंधन से गाड़ियों के खराब होने और माइलेज घटने का दावा करते हुए वाहन कंपनियों को पत्र लिखने की बात कही।

अरविंद केजरीवाल ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ई20 पेट्रोल के खिलाफ टाउन हॉल को संबोधित किया

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 1, 2026

Arvind Kejriwal PC: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार (1 अगस्त) को राष्ट्रीय राजधानी स्थित ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में ‘ई20 के खिलाफ राष्ट्रीय टाउन हॉल’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध कॉमेडियन श्याम रंगीला भी उनके साथ मंच पर मौजूद रहे।

सरकार की नीति पर तीखे सवाल

बताते चले कि, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि कभी यह तर्क दिया जाता है कि ई-20 ईंधन खराब है तो कभी इसे अच्छा बताया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस वैज्ञानिक अध्ययन के सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है, जिससे गाड़ियों का माइलेज तेजी से गिर रहा है और जनता जबरदस्ती की परेशानी झेल रही है।

मिलावटी पेट्रोल थोपने का आरोप

आपको बता दे कि, केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए दावा किया कि देश की जनता पर जबरन मिलावटी पेट्रोल थोपा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति के खिलाफ आवाज मुखर करने वाले लोगों को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के नुमाइंदे भी इस कार्यक्रम को देख रहे होंगे क्योंकि जो लोग आज इस आयोजन का हिस्सा नहीं बन सके हैं, वे भी इस मिलावटी ईंधन की मार से भारी परेशान हैं।

सर्वे के आंकड़ों का हवाला

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी मंत्री भले ही ई-20 पेट्रोल को पूरी तरह सुरक्षित करार दें और इसके विरोधियों को ‘एंटी नेशनल’ बताएं, लेकिन एक हालिया सर्वे कुछ और ही कहानी बयां करता है। उनके अनुसार, इस सर्वे में यह बात सामने आई है कि लगभग 67 प्रतिशत वाहनों के माइलेज में गिरावट आई है, जबकि 45 प्रतिशत गाड़ियों के इंजन इससे सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अपनी आधिकारिक रिपोर्ट और स्टडी को सार्वजनिक करे।

एफआईआर दर्ज कराने का गंभीर आरोप

आप प्रमुख ने सरकार पर यह भी गंभीर आरोप जड़े कि वह नीति पर सवाल उठाने वाले नागरिकों के खिलाफ फौरन एफआईआर दर्ज करवा देती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि ई-20 ईंधन पूरी तरह सही और दोषमुक्त है, तो सरकार इस विषय पर खुलकर खुली बहस से क्यों कतराती है? उन्होंने आशंका जताई कि यदि धौंस दिखाकर इसे लागू किया जा रहा है, तो इसके पीछे कोई बड़ी गड़बड़ी अवश्य है। उन्होंने यह भी चेताया कि सरकार भविष्य में ई-30 जैसे ईंधन भी बिना किसी वैज्ञानिक आधार के थोप सकती है।

वाहन कंपनियों से पूछे गए दो बड़े सवाल

इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने देश की 29 प्रमुख वाहन निर्माताओं कंपनियों को पत्र लिखकर दो अहम सवाल पूछे हैं। पहला सवाल यह है कि क्या साल 2023 से पहले निर्मित गाड़ियों में ई-20 पेट्रोल का सुरक्षित इस्तेमाल संभव है? दूसरा सवाल यह है कि यदि इस ईंधन के प्रयोग से गाड़ियों का माइलेज कम होता है या इंजन को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है, तो क्या संबंधित वाहन कंपनियां इसकी पूरी जिम्मेदारी लेंगी?