अमेरिका–ईरान तनाव पर बड़ा बयान, ट्रंप बोले—तेहरान डील के लिए तैयार

विदेश  तनाव के बीच ट्रंप का दावा: ईरान समझौता चाहता है, तेहरान बातचीत को तैयार ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना का यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ तीन युद्धपोत पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) पहुंच गए हैं। इससे फिर से आशंका बढ़ गई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई के विरोध में हवाई हमलों का आदेश दे सकते हैं। दूसरी ओर, ईरान ने किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की कसम खाई है। तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि

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Published On :

जनवरी 27, 2026

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विदेश 
तनाव के बीच ट्रंप का दावा: ईरान समझौता चाहता है, तेहरान बातचीत को तैयार

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना का यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ तीन युद्धपोत पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) पहुंच गए हैं। इससे फिर से आशंका बढ़ गई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई के विरोध में हवाई हमलों का आदेश दे सकते हैं। दूसरी ओर, ईरान ने किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की कसम खाई है। तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि इस्लामी गणराज्य अभी भी बातचीत करना चाहता है।

तेहरान समझौता करना चाहता है

ट्रंप ने एक्सियोस न्यूज साइट को बताया कि ईरान के बगल में हमारा एक विशाल नौसैनिक बेड़ा है, वेनेजुएला से भी बड़ा। उन्होंने आगे कहा कि वे समझौता करना चाहते हैं। मुझे पता है। उन्होंने कई बार फोन किया। वे बात करना चाहते हैं। एक्सियोस के अनुसार, ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम द्वारा प्रस्तुत विकल्पों पर चर्चा करने से इनकार कर दिया और यह भी नहीं बताया कि वे किस विकल्प को प्राथमिकता देते हैं।

वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन विकल्पों में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले या आयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व पर लक्षित हमले शामिल हो सकते हैं, ताकि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से शासन करने वाली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके, जिसने शाह को सत्ता से हटा दिया था।
ईरान की स्थिति हो रही कमजोर

इसी बीच, न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि ट्रंप को कई अमेरिकी खुफिया रिपोर्टें मिली हैं, जो संकेत देती हैं कि ईरानी सरकार की स्थिति कमजोर हो रही है और शाह के पतन के बाद से इसकी सत्ता पर पकड़ अपने सबसे कमजोर बिंदु पर है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने अखबार को बताया कि उन्होंने हाल के दिनों में ईरान के बारे में ट्रंप से बात की थी और लक्ष्य वहां के शासन को समाप्त करना है। उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कि वे आज उन्हें मारना बंद कर दें, लेकिन अगर अगले महीने वे सत्ता में आए, तो वे उन्हें मार डालेंगे।
अमेरिकी पोत को बनाया जाएगा निशाना

बता दें कि पिछले कुछ दिनों में ईरानी अधिकारी आग में घी डालने से बचने के लिए सतर्क नजर आ रहे हैं। तेहरान ने अतीत में कहा है कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के बीच संवाद का एक चैनल खुला है, हालांकि दोनों शत्रु देशों के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। लेकिन मंगलवार को अखबार हमशहरी ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता मोहम्मद अली नैनी के हवाले से कहा कि अगर उनका विमानवाहक पोत गलती से ईरानी क्षेत्रीय जल में प्रवेश करता है, तो उसे निशाना बनाया जाएगा।

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