Rule Changes From 1 June 2026 : 1 जून 2026 से बदल गए कई नियम, जानें एलपीजी से लेकर यूपीआई तक सब कुछ

Rule Changes From 1 June 2026 Updates: आज 1 जून 2026 से पूरे देश में आपकी जेब से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल चुके हैं! यूपीआई पेमेंट करते समय अब स्क्रीन पर दिखने वाले असली नाम के वेरिफिकेशन से लेकर, एलपीजी सिलेंडर की रीफिलिंग और एटीएम से पैसे निकालने पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज के नए नियमों की पूरी लिस्ट, जिसने आम जनता को चौंका दिया है।

Rule Changes From 1 June 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 1, 2026

Rule Changes From 1 June 2026 : नए महीने जून की शुरुआत हो चुकी है और इसके साथ ही देश में कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। आपके पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और घर के मासिक बजट को प्रभावित करने वाले ये बदलाव सीधे तौर पर आपकी जेब और वित्तीय प्लानिंग पर असर डालेंगे। तेल, गैस की कीमतों से लेकर डिजिटल पेमेंट और टैक्स से जुड़े इन नियमों के बारे में समय रहते जान लेना बेहद जरूरी है ताकि आप किसी भी तरह के अतिरिक्त वित्तीय नुकसान या कानूनी पचड़े से बच सकें। 31 मई की रात से ही इन बदलावों की रूपरेखा तैयार हो गई थी, जो आज यानी 1 जून 2026 से देश भर में प्रभावी रूप से लागू कर दिए गए हैं।

कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल

तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने आम जनता को झटका देते हुए 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। देश की राजधानी नई दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत बढ़कर 3113.50 रुपये हो गई है। वहीं, कोलकाता में इस सिलेंडर के दाम में 53.50 रुपये का बड़ा इजाफा हुआ है। देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी कमर्शियल सिलेंडर की नई दरें लागू कर दी गई हैं। हालांकि, पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें भी जारी की गई हैं, जिनमें मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है।

बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव, कैश डिपॉजिट के नियम हुए सख्त

बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े नियमों में आज से महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं। कुछ प्रमुख बैंकों ने अपने करंट अकाउंट्स (चालू खातों) और अन्य बचत खातों में कैश डिपॉजिट यानी नकद जमा से जुड़े नियमों को पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब बैंक में एक तय सीमा (लिमिट) से ज्यादा नकद पैसा जमा करने पर ग्राहकों को अतिरिक्त सेवा शुल्क (एक्स्ट्रा चार्ज) देना होगा। बैंकों का यह कदम डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने और नकद लेनदेन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है।

UPI ATM से कैश निकालने पर अब कटेगी जेब

डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक और जरूरी अपडेट है। बैंकों ने अब यूपीआई एटीएम (UPI ATM) के जरिए बिना कार्ड के पैसे निकालने की प्रक्रिया को सामान्य एटीएम लेनदेन से पूरी तरह जोड़ दिया है। इसका मतलब यह है कि अब आप यूपीआई के जरिए एटीएम से जो भी कैश निकालेंगे, उसे आपके खाते की मुफ्त मासिक निकासी सीमा (Free Monthly Limit) में ही गिना जाएगा। यदि आप अपने बैंक द्वारा तय की गई इस मुफ्त सीमा को पार करते हैं, तो आपको इसके बाद हर एक ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये तक का भारी-भरकम शुल्क चुकाना पड़ सकता है।

यूपीआई ट्रांजैक्शन में ऐतिहासिक बदलाव

ऑनलाइन धोखाधड़ी और गलत खातों में पैसे ट्रांसफर होने की घटनाओं को रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बड़ा कदम उठाया है। आज, 1 जून से आप जब भी किसी व्यक्ति या मर्चेंट को यूपीआई (UPI) के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करेंगे, तो उसके रजिस्टर्ड बैंक खाते वाला असली नाम आपकी मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देगा। भले ही सामने वाले ने ऐप पर कोई भी फर्जी नाम लिख रखा हो, लेकिन स्क्रीन पर बैंक रिकॉर्ड वाला नाम ही फ्लैश होगा। एनपीसीआई का यह सुरक्षा फीचर डिजिटल पेमेंट्स को बेहद सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा।

टैक्सपेयर्स के लिए 15 जून की तारीख अहम

इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले और टैक्सपेयर्स के लिए इस महीने की 15 तारीख बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की आखिरी समयसीमा 15 जून 2026 तय की गई है। नियम के अनुसार, ऐसे सभी टैक्सपेयर्स जिनकी अनुमानित कुल टैक्स देनदारी ₹10,000 से अधिक बनती है, उन्हें इस तारीख तक अपने कुल एडवांस टैक्स का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा सरकार के पास जमा कराना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने की स्थिति में टैक्सपेयर्स को बकाया राशि पर भारी ब्याज देना पड़ सकता है।

मारुति और हुंडई की कारें खरीदना हुआ महंगा

अगर आप इस महीने अपने लिए नई कार खरीदने की योजना बना रहे थे, तो आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी। देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों जैसे मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर इंडिया ने अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। मारुति सुजुकी ने जून से अपने सभी मॉडल्स और वेरिएंट्स के दाम ₹30,000 तक बढ़ा दिए हैं, जिसके पीछे बढ़ती इनपुट लागत और महंगाई को मुख्य वजह बताया गया है। वहीं, हुंडई मोटर इंडिया ने भी कच्चे माल, कमोडिटी की कीमतों और ऑपरेशनल कॉस्ट में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए अपने पूरे पोर्टफोलियो की कीमतों में ₹12,800 तक की वृद्धि लागू कर दी है।