औद्योगिक विकास पर बड़ा प्लान: बिहार में स्टार्टअप और इंडस्ट्री को मिलेगा 30 दिन में क्लियरेंस

पटना बिहार में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं ला रही है. इस बीच आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में इंवेस्टमेंट को लेकर बड़ी जानकारी दी. सीएम सम्राट ने कहा, बिहार में 85 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं. देश के किसी भी कोने में आप कश्मीर से कन्याकुमारी तक चले जाएं सबसे अच्छी ग्रामीण सड़क आपको बिहार में ही मिलेगी. शहरी इलाकों में भी सड़कों को बेहतर बनाया जा रहा. 12 नई टाउनशिप से आएगा 6.5 लाख करोड़ का निवेश सीएम सम्राट ने यह भी कहा कि आज से 30-40 साल पहले प्रतियोगिता दर्पण

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Published On :

जून 13, 2026

पटना
बिहार में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं ला रही है. इस बीच आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में इंवेस्टमेंट को लेकर बड़ी जानकारी दी. सीएम सम्राट ने कहा, बिहार में 85 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं. देश के किसी भी कोने में आप कश्मीर से कन्याकुमारी तक चले जाएं सबसे अच्छी ग्रामीण सड़क आपको बिहार में ही मिलेगी. शहरी इलाकों में भी सड़कों को बेहतर बनाया जा रहा.

12 नई टाउनशिप से आएगा 6.5 लाख करोड़ का निवेश
सीएम सम्राट ने यह भी कहा कि आज से 30-40 साल पहले प्रतियोगिता दर्पण में यह सामान्य ज्ञान हुआ करता था कि एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनी कंकड़बाग, पटना है. हमलोग 12 नई टाउनशिप विकसित कर रहे हैं इसके लिए 6 लाख 25 हजार एकड़ भूमि पर काम शुरू किया जा रहा है. जिसमें 6.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश आने वाला है. विकसित होने वाले 12 टाउनशिप में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल पार्क भी विकसित किया जाएगा.

इसमें जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित होगी उन्हें सरकार उचित मुआवजा देगी. हमने कहा है कि किसी व्यक्ति की जमीन टाउनशिप क्षेत्र में आती है और उनके घर में अगर बेटी की शादी है या वह किसी भी विपदा से जूझ रहे हैं तो वे डीएम को आवेदन दें. उनके खाते में मुआवजे की राशि तत्काल भेजी जाएगी ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है.

उद्योग या स्टार्टअप के लिए 30 दिनों के अंदर क्लियरेंस
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए पिछले कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया है. पहले ऐसी व्यवस्था थी कि आवेदन देने के बाद भी नगर निगम और अग्निशमन में आवेदन लंबित रहते थे. अब हमने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि उद्योग या स्टार्टअप लगाने के लिए आवेदन देने के 30 दिनों के अंदर क्लियरेंस मिलेगा. इस तरह से बिहार में युवाओं को बंपर रोजगार मिल सकेगा.

जमीन अधिग्रहण को लेकर दिखे सख्त
इससे पहले सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार की विकास योजनाओं को लेकर भी कड़ा आदेश दिया था. खासकर उद्योग और टाउनशिप की जमीन को लेकर वे सख्त दिखे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जमीन अधिग्रहण को लेकर अगर कहीं भी बाधा आ रही है तो उसे तुरंत दूर किया जाए. इस तरह से उन्होंने जमीन अधिग्रहण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा कराने का अधिकारियों को निर्देश दिया है.