योगी सरकार का बड़ा फैसला: आउटसोर्स सेवा निगम का पोर्टल अगस्त तक तैयार, नई भर्ती भी शुरू

लखनऊ  प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत लगभग चार लाख आउटसोर्स कार्मिकों को बढ़ा मानदेय और अन्य सुविधाओं का लाभ सरकार सितंबर से दे सकती है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) की सेवाओं को धरातल पर उतारने के लिए पोर्टल अगस्त तक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। पोर्टल तैयार होने के बाद पहले से कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों को प्रस्तावित बढ़ा मानदेय व अन्य सुविधाओं का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू होगी। नई भर्तियां भी शुरू की जाएंगी। पोर्टल विकसित करने का काम उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम कारपोरेशन (यूपी डेस्को) के माध्यम से एक निजी संस्था को दिया

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Published On :

जून 13, 2026

लखनऊ
 प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत लगभग चार लाख आउटसोर्स कार्मिकों को बढ़ा मानदेय और अन्य सुविधाओं का लाभ सरकार सितंबर से दे सकती है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) की सेवाओं को धरातल पर उतारने के लिए पोर्टल अगस्त तक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। पोर्टल तैयार होने के बाद पहले से कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों को प्रस्तावित बढ़ा मानदेय व अन्य सुविधाओं का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू होगी। नई भर्तियां भी शुरू की जाएंगी।

पोर्टल विकसित करने का काम उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम कारपोरेशन (यूपी डेस्को) के माध्यम से एक निजी संस्था को दिया गया गई है। इस पोर्टल में आउटसोर्स कार्मिकों से संबंधित जानकारियों के साथ ही नई भर्तियों के लिए आवेदन, मानदेय की दर, कार्मिकों को दिए जाने वाले अन्य लाभ का पूरा विवरण होगा।

सभी गतिविधियां पोर्टल से होंगी संचालित
कुल मिलाकर निगम की समस्त गतिविधियां इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगी। सूत्रों के मुताबिक निगम का पोर्टल तैयार हो जाने पर बढ़ा मानदेय देने के साथ ही अन्य सभी लाभ कार्मिकों को दिया जाएगा। नई भर्तियां भी शुरू की जाएंगी।

प्रदेश में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठना का शासनादेश 20 सितंबर 2025 को जारी किया गया था। निगम के लिए एमडी और अन्य पदाधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है। निगम के माध्यम से प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और पारिश्रमिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और एकरूप बनाने का काम करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए थे निर्देश
हाल ही में समीक्षा बैठक कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्स व्यवस्था को तकनीक आधारित, जवाबदेह और कर्मचारी हितैषी बनाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति, सत्यापन, निगरानी तथा अन्य प्रक्रियाओं का केंद्रीकृत संचालन किया जाए, जिससे व्यवस्था अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

निगम का गठन होने से कार्मिकों को न्यूनतम 20 हजार व अधिकतम 40 हजार रुपये तक मासिक मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) आदि का भी लाभ कार्मिकों को मिलेगा। सरकार ने आउटसोर्सिंग भर्तियों के लिए चार श्रेणियां बनाई हैं। श्रेणी एक के लिए 40 हजार, दो के लिए 25 हजार, श्रेणी तीन के लिए 22 और चार के लिए 20 हजार पारिश्रमिक तय किया गया है।