BMC का बड़ा फैसला, भवन अनुज्ञा की मैनुअल प्रक्रिया बंद, अब केवल ऑनलाइन आवेदन होंगे

भोपाल. शहर में कॉलोनी विकास और भवन अनुज्ञा से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण के लिए नगर निगम ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने इंदौर और उज्जैन नगर निगम की तर्ज पर कॉलोनी विकास, निरीक्षण और प्रवर्तन के लिए टीम गठित की गई है। नए आदेश के तहत मध्य प्रदेश नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम-2021 के अंतर्गत अपर आयुक्त और उपायुक्तों को विधानसभावार नोडल अधिकारी बनाकर मुख्य नगर निवेशक (चीफ सिटी प्लानर) के कई अधिकार सौंप दिए गए हैं। बढ़ेगी अवैध कॉलोनियों की निगरानी प्रत्येक विधानसभा के संबंधित कार्यपालन यंत्री (नगर निवेशक)

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Published On :

जुलाई 19, 2026

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भोपाल.

शहर में कॉलोनी विकास और भवन अनुज्ञा से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण के लिए नगर निगम ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने इंदौर और उज्जैन नगर निगम की तर्ज पर कॉलोनी विकास, निरीक्षण और प्रवर्तन के लिए टीम गठित की गई है।

नए आदेश के तहत मध्य प्रदेश नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम-2021 के अंतर्गत अपर आयुक्त और उपायुक्तों को विधानसभावार नोडल अधिकारी बनाकर मुख्य नगर निवेशक (चीफ सिटी प्लानर) के कई अधिकार सौंप दिए गए हैं।

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बढ़ेगी अवैध कॉलोनियों की निगरानी
प्रत्येक विधानसभा के संबंधित कार्यपालन यंत्री (नगर निवेशक) को कॉलोनी विकास और निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। उनका दायित्व होगा कि स्वीकृत कॉलोनियों का विकास नियमानुसार हो तथा अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर निगरानी रखी जाए। साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि अब भवन अनुज्ञा से संबंधित सभी प्रकरण केवल ऑनलाइन माध्यम से ही संचालित होंगे। ऑफलाइन अथवा मैनुअल फाइलों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके तहत गठित टीम कॉलोनी विकास से जुड़े प्रकरणों की जांच, निरीक्षण, अनुमतियों की प्रक्रिया, अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई और राजस्व से जुड़े मामलों का समन्वय करेगी। नई व्यवस्था के बाद कॉलोनी विकास, निरीक्षण और अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई की जवाबदेही विधानसभा स्तर पर तय होगी। इससे प्रकरणों के निराकरण में तेजी आने की उम्मीद है।

उपयंत्रियों को बनाया वॉर्डवार भवन निरीक्षक
आदेश के अनुसार 223 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों की अनुज्ञा और पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार मुख्य नगर निवेशक को दिया गया है। 167 से 223 वर्गमीटर तक के मामलों का निराकरण नगर निवेशक (कार्यपालन यंत्री) तथा 167 वर्गमीटर तक के प्रकरण सहायक यंत्री (भवन अधिकारी) देखेंगे। सभी जोनों के उपयंत्रियों को अपने-अपने वार्डों में भवन निरीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा अपर आयुक्त और उपायुक्त को मैरिज गार्डन के स्थायी एवं अस्थायी लाइसेंस जारी करने तथा कॉलोनी विकास नियम-2021 के तहत सक्षम प्राधिकारी के अधिकार दिए गए हैं। अवैध कॉलोनियों के सर्वेक्षण के लिए अपर आयुक्त को 10 लाख रुपये तक की प्रशासनिक स्वीकृति देने की वित्तीय शक्ति भी सौंपी गई है।

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