हरियाणा में बिना HPR ID नहीं कर सकेंगे प्रैक्टिस, नए रजिस्ट्रेशन के नियम बदले

चंडीगढ़ हरियाणा में अब डॉक्टरों, दंत चिकित्सकों, आयुष चिकित्सकों, नर्सों, फार्मासिस्टों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) आईडी बनवाना अनिवार्य होगा। संबंधित काउंसिलों में नए पंजीकरण और नवीनीकरण के दौरान एचपीआर आईडी की अनिवार्यता लागू रहेगी। आईडी नहीं होने पर स्वास्थ्यकर्मी को इसे बनवाने के लिए अधिकतम 90 दिन का समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में आईडी नहीं बनवाने पर उसका प्रोविजनल पंजीकरण बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बाद वह दोबारा पंजीकरण बहाल होने तक प्रैक्टिस नहीं कर सकेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जिन स्वास्थ्यकर्मियों के संबंधित

Wrriten By :

Editor

Published On :

नवम्बर 1, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

चंडीगढ़
हरियाणा में अब डॉक्टरों, दंत चिकित्सकों, आयुष चिकित्सकों, नर्सों, फार्मासिस्टों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) आईडी बनवाना अनिवार्य होगा। संबंधित काउंसिलों में नए पंजीकरण और नवीनीकरण के दौरान एचपीआर आईडी की अनिवार्यता लागू रहेगी।

आईडी नहीं होने पर स्वास्थ्यकर्मी को इसे बनवाने के लिए अधिकतम 90 दिन का समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में आईडी नहीं बनवाने पर उसका प्रोविजनल पंजीकरण बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बाद वह दोबारा पंजीकरण बहाल होने तक प्रैक्टिस नहीं कर सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जिन स्वास्थ्यकर्मियों के संबंधित काउंसिल में पंजीकरण या नवीनीकरण की समय-सीमा पूरी हो रही है, उन्हें आईडी बनवाने के लिए एक बार 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसके बाद नए पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए एचपीआर आईडी अनिवार्य रहेगी।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

हरियाणा स्टेट मेडिकल काउंसिल, हरियाणा स्टेट डेंटल काउंसिल, हरियाणा नर्सेज एंड नर्स-मिडवाइव्स काउंसिल, काउंसिल आफ इंडियन मेडिसिन हरियाणा और हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल के माध्यम से होने वाले नए पंजीकरण और नवीनीकरण पर यह नई व्यवस्था लागू होगी।

आवेदन के समय वैध आईडी नहीं होने पर संबंधित स्वास्थ्यकर्मी को जरूरी वैध दस्तावेज पोर्टल पर जमा कर इसे हासिल करने के लिए अधिकतम 90 दिन मिलेंगे। संबंधित काउंसिल या विभाग पूरी और वैध जानकारी व दस्तावेज मिलने के 10 दिन के भीतर पंजीकरण का सत्यापन करेगा।

किसी स्वास्थ्यकर्मी को आईडी के बिना पंजीकरण दिया जाता है तो उसे अधिकतम 90 दिन के लिए प्रोविजनल माना जाएगा। इस अवधि में वह प्रैक्टिस जारी रख सकेगा। संबंधित काउंसिल उसके पंजीकृत ई-मेल और मोबाइल नंबर पर कम से कम तीन रिमाइंडर भेजेगी। पहला रिमाइंडर प्रोविजनल पंजीकरण के 30 दिन के भीतर, दूसरा 30 से 60 दिन के बीच और तीसरा व अंतिम रिमाइंडर 60 से 75 दिन के बीच भेजा जाएगा। इसके अलावा फोन काल या अन्य माध्यमों से भी संपर्क किया जा सकेगा।

2