पंजाब के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव, सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी अब मुखियों की

चंडीगढ़  पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स को साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में स्कूल क्लीनलिनेस एंड रेडीनेस ड्राइव चलाने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में गंदगी, कूड़े के ढेर और अव्यवस्थित परिसर को लेकर सामने आ रही स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा है। स्कूल परिसर की सफाई से लेकर शौचालय, पेयजल, बिजली फिटिंग, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट और मिड-डे मील तक की व्यवस्था जांचने के निर्देश दिए गए हैं। डायरेक्टर स्कूल शिक्षा (सेकेंडरी), पंजाब

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Published On :

अगस्त 24, 2026

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चंडीगढ़
 पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स को साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में स्कूल क्लीनलिनेस एंड रेडीनेस ड्राइव चलाने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में गंदगी, कूड़े के ढेर और अव्यवस्थित परिसर को लेकर सामने आ रही स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा है।

स्कूल परिसर की सफाई से लेकर शौचालय, पेयजल, बिजली फिटिंग, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट और मिड-डे मील तक की व्यवस्था जांचने के निर्देश दिए गए हैं। डायरेक्टर स्कूल शिक्षा (सेकेंडरी), पंजाब की ओर से 21 अगस्त को जारी पत्र में कहा गया है कि आम तौर पर देखने में आया है कि कई स्कूलों में परिसर और आसपास का क्षेत्र साफ नहीं रहता तथा जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे होते हैं।

इससे विद्यार्थियों और अध्यापकों में विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में स्कूल मुखी को पूरे परिसर का फिजिकल वाकथ्रू कर तत्काल दूर की जा सकने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करवाना होगा।

कक्षा से खेल मैदान तक सफाई जरूरी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल का पूरा परिसर, कक्षाएं, गलियारे, खेल मैदान और आसपास का क्षेत्र कूड़े-कचरे, मलबे, अपशिष्ट और गैरजरूरी सामान से पूरी तरह मुक्त होना चाहिए। जहां निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है, वहां निर्माण सामग्री और मलबे को उचित तरीके से हटाने या सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

खराब बिजली फिटिंग तुरंत ठीक होंगी कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों में ढीली या खराब बिजली फिटिंग, स्विच तथा अन्य छोटी-मोटी मरम्मत वाली वस्तुओं को तत्काल ठीक करवाने को कहा गया है। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

शौचालय और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
लड़कों और लड़कियों के सभी शौचालय साफ-सुथरे, कार्यशील और पानी व रोशनी की सुविधा से युक्त होने चाहिए। हाथ धोने के स्थानों पर पानी और साबुन की उपलब्धता भी अनिवार्य की गई है। पेयजल की सभी सुविधाएं साफ और चालू हालत में रखने को कहा गया है।

फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट एड किट आसानी से उपलब्ध हों
स्कूलों में अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार किट सही स्थिति में तथा ऐसे स्थान पर रखी जाएं, जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से पहुंचा जा सके। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आने-जाने के रास्ते और उपलब्ध सुविधाएं भी साफ, बाधारहित और उपयोग योग्य रखने के निर्देश हैं।

मिड-डे मील में सफाई और तय मेन्यू जरूरी
स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मिड-डे मील निर्धारित मेन्यू के अनुसार नियमित रूप से दिया जा रहा हो। भोजन साफ-सुथरे और स्वच्छ तरीके से तैयार किया जाए तथा विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में परोसा जाए।

स्कूल मुखी अभियान की समग्र जिम्मेदारी संभालेंगे और जरूरत के अनुसार स्टाफ को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपेंगे। स्कूल स्टाफ कक्षाओं, शौचालयों, गलियारों, खेल मैदानों और अन्य क्षेत्रों की सफाई व रखरखाव सुनिश्चित करेगा। सफाई, सुरक्षा, पानी और बिजली से जुड़ी स्कूल स्तर पर दूर की जा सकने वाली कमियों की तत्काल पहचान कर उन्हें ठीक कराया जाएगा।

एसएमसी भी करेगी निगरानी में सहयोग
स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के सदस्यों को भी स्कूल की सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा में स्कूल मुखी का सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने यह निर्देश समूह जिला शिक्षा अधिकारियों (प्राइमरी और सेकेंडरी) को जारी किए हैं। पत्र में अभियान को प्रभावी ढंग से लागू कर सरकारी स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए साफ, सुरक्षित और तैयार रखने पर जोर दिया गया है।

 

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