स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा ऐलान: MP के कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज, सीमा 35 लाख

भोपाल राजस्थान और हरियाणा की तरह प्रदेश सरकार अपने 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों और पेंशनरों के उपचार के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लाने जा रही है। राज्य के बजट में इसकी घोषणा हो सकती है। योजना अंशदायी, कैशलेस होगी और इसमें गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अधिकतम 35 लाख रुपये तक की सुविधा रहेगी। कर्मचारी का स्वयं, पति-पत्नी, आश्रित बच्चों का फोटोयुक्त कार्ड बनेगा। पेंशनर भी योजना के दायरे में आएंगे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसका खाका खींच लिया है। कर्मचारी संगठनों से सुझाव भी ले लिए गए हैं। अब इसे वित्त विभाग की अनुमति

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Published On :

जनवरी 21, 2026

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भोपाल
राजस्थान और हरियाणा की तरह प्रदेश सरकार अपने 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों और पेंशनरों के उपचार के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लाने जा रही है। राज्य के बजट में इसकी घोषणा हो सकती है। योजना अंशदायी, कैशलेस होगी और इसमें गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अधिकतम 35 लाख रुपये तक की सुविधा रहेगी। कर्मचारी का स्वयं, पति-पत्नी, आश्रित बच्चों का फोटोयुक्त कार्ड बनेगा।

पेंशनर भी योजना के दायरे में आएंगे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसका खाका खींच लिया है। कर्मचारी संगठनों से सुझाव भी ले लिए गए हैं। अब इसे वित्त विभाग की अनुमति से कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी करेगी संचालनविभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इसमें कानूनी, बीमा क्षेत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ रहेंगे। तकनीकी टीम भी रहेगी जो क्लेम प्रोसेसिंग, हेल्थ पैकेज, अस्पतालों की संबद्धता आदि काम देखेगी। टास्क फोर्स का गठन भी किया जाएगा, जो योजना की समीक्षा और नीतिगत निर्णय से जुड़े मामले देखेगी।
 
योजना की पात्रताकर्मचारी पति-पत्नी, माता-पिता, आश्रित दो बच्चे, दत्तक बच्चे, तलाकशुदा पुत्री और पति-पत्नी पेंशनर पति-पत्नी। पात्र हितग्राही का पंजीयन एमपीएसइडीसी के माध्यम से होगा। यूनिक आइडी डिजिटल कार्ड बनाए जाएंगे। आश्रितों की जानकारी का अनुमोदन कार्यालय प्रमुख करेंगे। हितग्राही को प्रत्येक वर्ष आश्रितों की जानकारी का सत्यापन कराना अनिवार्य रहेगा। पेंशनर का पंजीयन पेंशनर कोड के आधार पर होगा। कार्ड में पेशनर के पे बैंड और विभाग का उल्लेख भी रहेगा।

दवा-उपकरण के लिए बीस हजार रुपये प्रतिवर्षबीमित कर्मचारी को ओपीडी, दवा और उपकरण के लिए बीस हजार रुपये प्रतिवर्ष मिलेंगे। उपकरण और इंप्लांट का व्यय सीजीएचएस पैकेज दरों के अनुसार होगा।

आपातकालीन स्थितियों में असंबद्ध अस्पतालों लिए प्रतिपूर्ति
आपातकालीन परिस्थितियों में असंबद्ध अस्पतालों में भी उपचार कराया जा सकेगा। इसमें होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। योजना में राज्य के सभी आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पताल, भारत सरकार की स्वास्थ्य योजना से जुड़े अस्पताल, राज्य के बाहर के चिन्हित उच्च गुणवत्ता वाले अस्पताल शामिल होंगे।

प्रस्तावित अंशदान कर्मचारी के लिए
श्रेणी-मासिक अंशदान वेतन बैंड एक से पांच- 250 रुपये
वेतन बैंड छह- 450 रुपयेवेतन बैंड सात से 11- 650 रुपये
वेतन बैंड 12 से 17- 1,000 रुपये
पेंशनर के लिए- 500 रुपये प्रतिमाह

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