Maharashtra News: हनुमान मंदिर में मची चीख-पुकार, मंडप गिरने से 7 लोगों की मौत, कई घायल

महाराष्ट्र के परभणी स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं से भरा मंडप अचानक ढह गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और कई लोग मलबे में दब गए। आखिर यह दुर्घटना कैसे हुई, कितने लोग प्रभावित हुए और रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या सामने आया, जानिए पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में।

हनुमान मंदिर में मची चीख-पुकार

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 20, 2026

Maharashtra News: महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी गांव स्थित हनुमान मंदिर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर परिसर में बना सभा मंडप अचानक ढह गया, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंडप की छत और सहारे के पिलरों का बड़ा हिस्सा गिरने से कई लोग उसके नीचे दब गए। इसके साथ 7 लोगों के मौत की खबर सामने आई है।

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पांच शव बरामद, कई लोग घायल

राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक पांच श्रद्धालुओं के शव मलबे से निकाले जाने की सूचना है। हालांकि प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। वहीं, 8 से 10 लोगों को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल पहुंचाया गया है। घायलों का इलाज परभणी जिला अस्पताल और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

भारी भीड़ के बीच हुआ हादसा

शनिवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय मंडप के नीचे भक्तों की लंबी कतार लगी हुई थी। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ मंडप के मुख्य पिलर कमजोर पड़ गए और पूरी कंक्रीट की छत लोगों के ऊपर गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका तक नहीं मिला।

निर्माणाधीन हिस्से के गिरने की आशंका

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मंडप का कुछ हिस्सा निर्माणाधीन था। आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य से जुड़ी किसी तकनीकी खामी या संरचनात्मक कमजोरी के कारण यह दुर्घटना हुई हो सकती है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है।

युद्ध स्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। बाद में जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबा हटाने के लिए क्रेन, पोकलेन मशीन और कंक्रीट कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। बचाव दल पूरी सावधानी के साथ काम कर रहा है ताकि मलबे के नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

प्रशासन को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी 30 से 40 श्रद्धालु फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से राहत कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गंभीर रूप से घायल लोगों की हालत को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

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परिजनों में चिंता, प्रशासन सतर्क

हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मंदिर परिसर पहुंच गए। अपने परिजनों की तलाश में लोगों की भीड़ जुट गई है। घटनास्थल पर भावुक माहौल बना हुआ है और कई परिवार अपने प्रियजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं तथा राहत कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं। यह हादसा पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद और चिंताजनक घटना बन गया है। प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल राहत और बचाव कार्य को तेजी से पूरा करने पर केंद्रित है।