Health Tips: नींद नहीं आती और पैरों में ऐंठन? जानें कैसे पहचानें मैग्नीशियम की कमी

क्या आपकी अधूरी नींद, बार-बार होने वाला सिरदर्द और रात में पैरों की ऐंठन किसी बड़ी समस्या का संकेत है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर में एक जरूरी मिनरल की कमी इन परेशानियों की जड़ हो सकती है, जिसे ज्यादातर लोग साधारण थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

फ़रवरी 17, 2026

Health Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर सिरदर्द, थकान या रात में पैरों में पड़ने वाली ऐंठन को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार ये साधारण दिखने वाले लक्षण शरीर में एक जरूरी खनिज, मैग्नीशियम, की कमी का इशारा हो सकते हैं। मैग्नीशियम शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक मिनरल है, जो 300 से ज्यादा जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं में भाग लेता है। यह नसों के कार्य, मांसपेशियों की गतिविधि और नींद की गुणवत्ता तक को प्रभावित करता है।

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शरीर में मैग्नीशियम की भूमिका

मैग्नीशियम नसों और मांसपेशियों के बीच संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह मांसपेशियों को सिकुड़ने और ढीला होने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। साथ ही, यह दिल की धड़कन को सामान्य रखने और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में भी सहायक होता है।

जब शरीर में इसकी कमी होने लगती है, तो नसें अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप सिरदर्द, मांसपेशियों में झटके, ऐंठन, घबराहट और बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। आधुनिक जीवनशैली, असंतुलित खानपान और बढ़ता तनाव इस कमी को और बढ़ा सकते हैं।

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नींद और सिरदर्द से जुड़ा संबंध

नींद और सिरदर्द से जुड़ा संबंध
नींद और सिरदर्द से जुड़ा संबंध

रोहिणी स्थित एक निजी क्लीनिक के सीनियर कंसल्टेंट और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सौरभ स्वराज के अनुसार, मैग्नीशियम मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित करता है। मेलाटोनिन वह हार्मोन है जो नींद को नियंत्रित करता है। इसके अलावा, यह पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे शरीर को आराम की अवस्था में आने में मदद मिलती है। इसी वजह से मैग्नीशियम की कमी अक्सर अनिद्रा या बार-बार नींद खुलने की समस्या के रूप में सामने आती है। लंबे समय से चल रहा सिरदर्द, विशेषकर माइग्रेन, भी कम मैग्नीशियम स्तर से जुड़ा पाया गया है। यह रक्त वाहिकाओं और न्यूरोट्रांसमीटर को स्थिर रखने में सहायक होता है, इसलिए इसकी कमी सिरदर्द की संभावना को बढ़ा सकती है।

मांसपेशियों में ऐंठन क्यों होती है?

मांसपेशियों में ऐंठन क्यों होती है?
मांसपेशियों में ऐंठन क्यों होती है?

मांसपेशियों की कोशिकाओं में कैल्शियम संकुचन को बढ़ाता है, जबकि मैग्नीशियम उन्हें आराम देने का काम करता है। जब दोनों के बीच संतुलन बिगड़ जाता है, तो मांसपेशियों में खिंचाव, दर्द और ऐंठन होने लगती है। खासकर रात के समय पैरों में पड़ने वाली क्रैम्प्स मैग्नीशियम की कमी का शुरुआती संकेत हो सकती हैं। इसके अलावा, अधिक तनाव की स्थिति में शरीर से मैग्नीशियम का उत्सर्जन बढ़ जाता है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है।

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किन लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए?

कुछ लोगों में मैग्नीशियम की कमी का खतरा ज्यादा होता है। जैसे—

  • मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति
  • अत्यधिक कैफीन या शराब का सेवन करने वाले
  • पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोग

इन स्थितियों में शरीर मैग्नीशियम को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता या उसका अधिक उत्सर्जन होने लगता है।

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