Magh Mela 2026: माघ मेला के आगामी स्नान पर्व को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक और सख्त इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसी कारण संगम नोज से लेकर मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ के जवानों की तैनाती की गई है। प्रवेश द्वारों पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन तलाशी और सत्यापन के बाद ही उन्हें मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जा रहा है।
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आठ स्तरीय सुरक्षा घेरा

मेला क्षेत्र की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए आठ स्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित किया गया है। बाहरी घेरों में पुलिस बल तैनात है, जबकि आंतरिक घेरों में पीएसी, आरएएफ और एटीएस के जवान मुस्तैदी से डटे हुए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
संगम नोज और पांटून पुलों पर निगरानी
संगम नोज पर घुड़सवार पुलिस की विशेष तैनाती की गई है, ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके। सभी पांटून पुलों के दोनों सिरों पर पीएसी बल मौजूद है, जिससे आवागमन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।
बम निरोधक दस्ता और सीसीटीवी निगरानी
मेला क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों पर बम निरोधक दस्ता लगातार जांच और तलाशी अभियान चला रहा है। पुलिस, पीएसी और एटीएस के कमांडो प्रमुख स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। संपूर्ण मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से की जा रही है, जिससे हर गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।
स्नान घाटों पर विशेष सुरक्षा

संगम सहित सभी स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए एनडीआरएफ, बाढ़ राहत दल और जल पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। जवान लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोक रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक माघ मेला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मेला क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं। वे सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।










