मध्य प्रदेश राजनीति: मंत्रियों ने छोड़ी जिलों की जिम्मेदारी? भोपाल में ही जुट रहा कोर ग्रुप

भोपाल जिलों में आम लोगों व कार्यकर्ताओं के लिए मंत्रियों की उपलब्धता सहज रहे और प्रशासनिक कार्य भी ठीक से संचालित हों, इसके लिए सरकार द्वारा बनाई प्रभारी मंत्रियों की व्यवस्था पर मंत्री ही पानी फेर रहे हैं। प्रभारी मंत्रियों ने अपने जिलों से दूरी बना रखी है। यही नहीं, संगठन की दृष्टि से मंत्रियों को जिले के कोर ग्रुप के साथ प्रतिमाह बैठक करने के निर्देश दिए गए थे, इसके विपरीत प्रभारी मंत्री भोपाल में जिलों से सभी पदाधिकारियों को बुलाकर बैठकें करने लगे हैं। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 17 मार्च को भिंड जिला और उदय प्रताप सिंह

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Published On :

मार्च 21, 2026

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भोपाल

जिलों में आम लोगों व कार्यकर्ताओं के लिए मंत्रियों की उपलब्धता सहज रहे और प्रशासनिक कार्य भी ठीक से संचालित हों, इसके लिए सरकार द्वारा बनाई प्रभारी मंत्रियों की व्यवस्था पर मंत्री ही पानी फेर रहे हैं। प्रभारी मंत्रियों ने अपने जिलों से दूरी बना रखी है।

यही नहीं, संगठन की दृष्टि से मंत्रियों को जिले के कोर ग्रुप के साथ प्रतिमाह बैठक करने के निर्देश दिए गए थे, इसके विपरीत प्रभारी मंत्री भोपाल में जिलों से सभी पदाधिकारियों को बुलाकर बैठकें करने लगे हैं।

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 17 मार्च को भिंड जिला और उदय प्रताप सिंह ने 16 मार्च को कटनी जिला कोर ग्रुप की बैठक भोपाल में ले ली थी। मंत्रियों को प्रभार के जिले में रात्रि विश्राम के निर्देश दिए गए हैं।

प्रहलाद सिंह पटेल अपने प्रभार के जिले में केवल दो रात ही रुके। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अपने प्रभार के जिले जबलपुर और राजेंद्र शुक्ल ने शहडोल में दो बैठकें ही लीं और दो रात ही रुके।

सार यही है कि न तो मंत्री प्रभार के जिलों में नियमित रात्रि विश्राम करते हैं और न ही जनता से संवाद के लिए आसानी से उपलब्ध रहते हैं। इससे पार्टी कार्यकर्ता व आमजन मंत्रियों के कामकाज को लेकर संतुष्ट नहीं है।

केवल मुख्यमंत्री ही प्रभार के जिले में सक्रिय मुख्यमंत्री मोहन यादव ही अपने प्रभार के जिले इंदौर में सक्रिय रहते हैं, हर सप्ताह वह इंदौर की जनता के लिए उपलब्ध भी हो जाते हैं लेकिन मंत्रियों की कार्यशैली उनसे ठीक उलट है।
समय का अभाव था इसलिए भोपाल में कर ली बैठक

17 मार्च को आवश्यक कार्य की वजह से, समयाभाव के कारण मैंने भिंड जिला कोर ग्रुप की बैठक भोपाल में ही ले ली थी। वैसे मैं अपने प्रभार के जिले में सबसे अधिक समय देता हूं और आमजन के लिए उपलब्ध रहता हूं। मेरे पास रीवा का भी प्रभार है। वहां पिछले माह ही बैठक की थी।

प्रहलाद सिंह पटेल, प्रभारी मंत्री, भिंड व रीवा  

वैसे कोर ग्रुप की बैठक जिले में होती है, लेकिन उस दिन कृषि महोत्सव के कार्यक्रम में हम सब भोपाल में ही थे इसलिए मंत्री जी के साथ उनके बंगले पर ही बैठक कर ली। यह रूटीन बैठक है, हर माह जिले में होती है। – दीपक टंडन सोनी, भाजपा जिला अध्यक्ष, कटनी   

मंत्री जी भोपाल में थे और हम भी भोपाल आए हुए थे इसलिए कोर ग्रुप की बैठक वहीं कर ली, वैसे जिले में ही नियमित बैठक होती है।

-देवेंद्र नरवरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष, भिंड

मंत्रियों के दौरे और बैठकों की यह स्थिति

धारः प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय। आखिरी दौरा 11 जनवरी। केवल 'जी राम जी' योजना के लिए मीडिया से चर्चा की। देवासः प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा। आखिरी दौरा आठ जनवरी, पार्टी कार्यक्रम में। कोर ग्रुप बना है लेकिन बैठक अब तक नहीं हुई। 23 मार्च को बैठक संभावित।

नीमचः प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया। आखिरी दौरा 14 मार्च। 26 जनवरी से अब तक करीब तीन बार आ चुकी हैं। कोर ग्रुप की बैठक ली।

मंदसौरः प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया। सात दिन पहले आई थीं, कोर ग्रुप की बैठक हुई। एक बार रात्रि विश्राम किया है।

बुरहानपुरः प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन मंत्री)। बीते दो माह में चार बार दौरा। आठ जनवरी, 26 जनवरी, 14 फरवरी और 15 मार्च।

खरगोनः प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग। आखिरी दौरा 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर। कोर ग्रुप की बैठक लंबे समय से नहीं हुई।

रतलामः प्रभारी मंत्री विजय शाह। आखिरी दौरा 14 दिसंबर, 2025। छिंदवाड़ा : प्रभारी मंत्री राकेश सिंह। पिछले माह आए थे। भाजपा कोर ग्रुप के साथ बैठक ली। जिला प्रशासन की बैठक ली थी।

बालाघाट : प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह। एक हफ्ते पूर्व आए थे। जिला प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।

सिवनी : प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा। 15 मार्च को आए थे, पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक ली। मंडला : प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल। इसी सप्ताह एक धार्मिक कार्यक्रम में आए थे।

डिंडौरी : प्रभारी मंत्री प्रतिभा बागरी। आखिरी बार 14 दिसंबर, 2025 को आई थीं।

शहडोल : प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला। इसी सप्ताह एक संस्था के कार्यक्रम में आए। प्रशासनिक और पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक ली। उमरिया : प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान। पिछले सप्ताह आए थे। जिला प्रशासन की बैठक भी ली।

कटनी : प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह। 14 मार्च को बरही आए थे, कटनी में रुके। पार्टी नेता व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।

दमोह : प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार। 11 मार्च को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आए। प्रभारी मंत्री बनने के बाद से केवल तीन बार ही दमोह आए।

रीवा : प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल। आखिरी बार 18 फरवरी को आए थे, जिला प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।

सतना : प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय। मार्च के पहले सप्ताह में आए थे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।

 

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