Madhya Pradesh: दतिया तनाव के बीच प्रशासन सख्त, नरोत्तम मिश्रा ने टिकट कटने पर तोड़ी चुप्पी

मप्र के दतिया उपचुनाव में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज समर्थकों ने भारी बवाल किया।

Madhya Pradesh

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 11, 2026

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी के साथ-साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। भाजपा ने इस बार पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले से नरोत्तम मिश्रा के समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता बेहद आक्रोशित हो गए, जिसके बाद दतिया में बड़े पैमाने पर उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। हालात बिगड़ते देख और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दतिया में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू कर दी है।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत अब जिले में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी प्रकार की जनसभा, रैली, जुलूस या प्रदर्शन करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, एक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने तथा सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

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कार्यकर्ताओं के बवाल पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान

टिकट कटने के बाद उपजे इस भारी असंतोष और कार्यकर्ताओं के उग्र आंदोलन के बीच वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का बयान सामने आया है। शनिवार को मीडिया और कार्यकर्ताओं से बात करते हुए उन्होंने सभी समर्थकों से शांति बनाए रखने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और राजनीति में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए।

नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा कि वे विरोध प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल या केरोसिन डालने जैसे आत्मघाती और अतिवादी कदम कतई न उठाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि किसी के मन में विचारों का मतभेद या असंतोष है, तो उसे सड़क पर हंगामा करने के बजाय पार्टी के उचित और आंतरिक मंचों पर ही गरिमापूर्ण तरीके से रखा जाना चाहिए।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प

दतिया में विरोध की आग शुक्रवार शाम को ही सुलग उठी थी। शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे नाराज कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर-झांसी हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। यह जाम शनिवार सुबह करीब 5:00 बजे तक यानी लगातार 12 घंटे तक जारी रहा। इसके कारण हाईवे पर 15 से 20 किलोमीटर लंबा वाहनों का भीषण जाम लग गया और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। भीड़ की तरफ से किए गए पथराव में जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और भांडेर एसडीओपी (SDOP) सहित कुल 8 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस प्रशासन को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटे और पास में स्थित भाजपा कार्यालय की तरफ भाग गए। हालांकि, जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि भीड़ को हटाने के लिए पुलिस द्वारा कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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