Lyaki Freedom Ship Attack: क्या ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हुआ अमेरिकी हमला? MEA ने अफवाहों को किया खारिज

ओमान की खाड़ी में भारतीय जहाज लियाकी फ्रीडम को लेकर सोशल मीडिया पर हमले की अफवाहें तेजी से फैलीं, जिससे हड़कंप मच गया। क्या वाकई अमेरिकी हमला हुआ था या यह सिर्फ फर्जी खबर है? विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा फैक्ट चेक जारी किया है।

क्या ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हुआ अमेरिकी हमला?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 13, 2026

Lyaki Freedom Ship Attack: ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले जहाज लियाकी फ्रीडम को लेकर सोशल मीडिया पर अचानक फैल गई कि उस पर हमला हुआ है। कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि जहाज को निशाना बनाया गया है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत इन खबरों का खंडन करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी।

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MEA का फैक्ट चेक 

विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक फैक्ट चेक जारी करते हुए कहा कि ‘लियाकी फ्रीडम’ पर किसी भी प्रकार का हमला नहीं हुआ है। मंत्रालय ने साफ किया कि जहाज के मास्टर से संपर्क स्थापित हो चुका है और सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। MEA ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और असत्य जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें।

कुछ समय के लिए टूटा था संपर्क

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, जहाज से कुछ समय के लिए वीएचएफ (VHF) रेडियो संपर्क टूट गया था, जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी।हालांकि, बाद में जहाज की लोकेशन ट्रैक कर ली गई और यह पुष्टि हो गई कि वह समुद्र में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ रहा है।

खाड़ी क्षेत्र में पहले भी हुए हमले, बढ़ी चिंता

पिछले कुछ समय से ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। इसी कारण ‘लियाकी फ्रीडम’ को लेकर अफवाहें तेजी से फैल गईं। इन घटनाओं में पहले भी कई भारतीय नाविकों को नुकसान हुआ है, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारतीय नाविकों की मौत के बाद तनाव बढ़ा

हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में हुए कुछ हमलों में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की स्थिति पैदा कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन घटनाओं को लेकर अलग-अलग दावे किए, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था।

भारत ने अमेरिका के सामने जताया विरोध

इस मामले को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर भारतीय नाविकों की मौत पर गंभीर चिंता जताई और विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नाविकों पर इस तरह की हिंसक कार्रवाई किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

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