UP Rajya Sabha Election 2026 : यूपी राज्यसभा चुनाव में तस्वीर साफ, बीजेपी के आठ और सपा के दो निर्विरोध होंगे

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर सियासी मुकाबले का सस्पेंस लगभग खत्म हो गया है। दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने के बाद बीजेपी के आठ और सपा के दो उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। अब 9 अक्टूबर को अंतिम तस्वीर सामने आएगी। क्या सभी उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा पहुंचेंगे?

UP Rajya Sabha Election 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 7, 2026

UP Rajya Sabha Election 2026 : उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनावी मुकाबले की तस्वीर अब लगभग पूरी तरह साफ हो गई है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 12 उम्मीदवारों में से दो निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे खारिज हो गए। इसके बाद बीजेपी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं। ऐसे में सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।

दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें बीजेपी के आठ, सपा के दो और दो निर्दलीय उम्मीदवार शामिल थे। जांच के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार ओंकारनाथ चौरसिया और कांते सायना के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। रिपोर्टों के अनुसार दोनों निर्दलीय उम्मीदवार जरूरी प्रस्तावक संबंधी शर्त पूरी नहीं कर सके।

16 अक्टूबर का मतदान अब नहीं होगा

दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के बाद 10 सीटों के लिए ठीक 10 वैध उम्मीदवार रह गए हैं। ऐसी स्थिति में किसी सीट पर मुकाबले की जरूरत नहीं रह जाती। अगर 9 अक्टूबर तक किसी उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया, तो सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जाएंगे। इसलिए 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान की आवश्यकता नहीं होगी।

बीजेपी ने उतारे आठ नए चेहरे

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की आठ राज्यसभा सीटों के लिए इस बार पूरी तरह नए चेहरों पर दांव लगाया है। पार्टी ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवारों की सूची में अलग-अलग सामाजिक समूहों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है।

हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को नहीं मिला टिकट

बीजेपी की नई सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा समेत मौजूदा सदस्यों को दोबारा मौका नहीं दिया गया है। पार्टी के सभी आठ निवर्तमान सदस्यों को बदलकर नए चेहरों को उतारने का फैसला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूची में दो महिला उम्मीदवार प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार भी शामिल हैं।

सामाजिक प्रतिनिधित्व पर बीजेपी का फोकस

बीजेपी की सूची में ओबीसी, दलित, ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय से जुड़े नेताओं को जगह मिली है। धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल और श्रुति गंगवार ओबीसी पृष्ठभूमि से आते हैं, जबकि विद्यासागर सोनकर और प्रियंका सिंह रावत दलित समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय ब्राह्मण समाज से तथा राम प्रताप सिंह चौहान ठाकुर समुदाय से जुड़े हैं।

सपा ने दो उम्मीदवारों पर ही भरोसा जताया

समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और उद्योग जगत से जुड़े धनराज नाथवानी को उम्मीदवार बनाया गया है। पिछले कुछ दिनों से सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। यदि सपा तीसरा उम्मीदवार उतारती तो 10वीं सीट पर मुकाबले की स्थिति बन सकती थी, लेकिन पार्टी ने अंततः ऐसा नहीं किया।

अखिलेश यादव ने तीसरे उम्मीदवार पर लगाया विराम

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीसरे उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि पार्टी का फोकस अब राज्यसभा की तीसरी सीट के बजाय उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर है। इसके बाद राज्यसभा चुनाव में मुकाबले की संभावना लगभग समाप्त हो गई। इस फैसले को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

2027 के चुनाव से पहले अहम राजनीतिक संकेत

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी ने जहां नए चेहरों और सामाजिक प्रतिनिधित्व के जरिए अपना संदेश देने की कोशिश की है, वहीं सपा ने दो उम्मीदवारों तक सीमित रहकर आगामी विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया है। हालांकि इस घटनाक्रम से 2027 के चुनाव का परिणाम तय नहीं होता।

नामांकन के दौरान बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन

बीजेपी के आठों उम्मीदवारों ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन कार्यक्रम को पार्टी के संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया।

अब 9 अक्टूबर पर टिकी नजर

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में अगला महत्वपूर्ण चरण नामांकन वापसी की तारीख है। यदि किसी उम्मीदवार ने नामांकन वापस नहीं लिया, तो 10 सीटों के लिए 10 उम्मीदवार ही मैदान में रहेंगे और सभी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जाएंगे। इस तरह उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर को होने वाला मतदान टल जाएगा और राज्यसभा की 10 सीटों का चुनाव बिना मतदान के पूरा हो जाएगा।

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