Ludhiana Train Accident : पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होने की खबर सामने आई है, जिसने रेल यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लुधियाना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म से जैसे ही माता वैष्णो देवी जाने वाली कटरा स्पेशल पैसेंजर ट्रेन आगे बढ़ने के लिए रवाना हुई, वैसे ही अचानक दो कोचों को आपस में जोड़ने वाली मुख्य कपलिंग बीच से टूट गई। कपलिंग के अचानक इस तरह टूटने से ट्रेन के पिछले हिस्से को एक बहुत ही तेज झटका लगा, जिससे ट्रेन के डिब्बों में सवार यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया और पूरी ट्रेन में एक समय के लिए अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।
जोरदार धमाके से कांपा रेलवे स्टेशन
ट्रेन के चलते समय कपलिंग टूटने की वजह से पैदा हुआ खिंचाव इतना भयानक था कि स्लीपर कोच का टॉयलेट बहुत ही तेज और डरावनी धमाके जैसी आवाज के साथ टूट गया। इस अचानक हुए हादसे में टॉयलेट के परखच्चे उड़ गए और उसका एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बिखर गया। धमाके का झटका और दबाव इतना अधिक था कि कपलिंग अलग होते ही दोनों डिब्बे एक-दूसरे से काफी दूर हो गए। इस अजीबोगरीब और खौफनाक घटना के दौरान बोगियों में बैठे यात्रियों को लगा कि ट्रेन में कोई बम विस्फोट या कोई बहुत बड़ा ढांचागत हादसा हो गया है।
माता वैष्णो देवी कटरा जा रही थी स्पेशल ट्रेन
जिस वक्त यह गंभीर हादसा लुधियाना रेलवे स्टेशन पर घटित हुआ, उस समय यह ट्रेन लुधियाना जंक्शन से आगे की यात्रा के लिए बस चलने ही वाली थी। दुर्घटना का शिकार हुई इस ट्रेन की पहचान न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल (ट्रेन संख्या 04081) के रूप में की गई है। यह स्पेशल ट्रेन शनिवार की सुबह ही देश की राजधानी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से भारी संख्या में श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को लेकर माता वैष्णो देवी के दर्शन कराने के लिए जम्मू के कटरा की ओर रवाना हुई थी, लेकिन रास्ते में ही इस बड़े तकनीकी और यांत्रिक फेलियर का शिकार हो गई।
मौके पर पहुंचे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस
हादसे के तुरंत बाद ही लुधियाना रेलवे स्टेशन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) तथा जिला प्रशासन की लोकल पुलिस टीम भारी दलबल के साथ प्रभावित प्लेटफॉर्म पर पहुंच गई। सुरक्षा एजेंसियों और डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और बोगियों में फंसे सहमे हुए यात्रियों को बाहर निकालने और उनकी मदद करने का काम शुरू किया। इसके साथ ही रेलवे के वरिष्ठ तकनीकी इंजीनियरों की टीम को भी क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने और जांच शुरू करने के लिए आपातकालीन आधार पर बुलाया गया।
हादसे के कारणों की जांच में जुटा रेलवे
इस बेहद गंभीर हादसे के पीछे क्या कारण थे और इतनी बड़ी तकनीकी लापरवाही कैसे हुई, इसकी विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें हादसे के मुख्य वजहों के बारे में गहनता से पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी रेलवे के किसी भी उच्च या वरिष्ठ मंडल अधिकारी ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक और औपचारिक तौर पर कोई भी बयान जारी नहीं किया है, जिससे यात्रियों और उनके परिजनों में असमंजस बना हुआ है।
रेलवे अधिकारियों का दावा
भले ही शीर्ष अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी हो, लेकिन मौके पर मौजूद कुछ तकनीकी रेल अधिकारियों और कर्मचारियों का प्राथमिक रूप से दावा है कि जब ट्रेन स्टेशन से रवाना हो रही थी, तब डिब्बों के बीच में लगी बफर कुंडी (कपलिंग लॉक) में अचानक बहुत ज्यादा खिंचाव और दबाव पैदा हो गया था। इसी अत्यधिक खिंचाव को बर्दाश्त न कर पाने की वजह से यह यांत्रिक हिस्सा बीच से टूट गया। हालांकि, अधिकारी इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यह कोई मेंटेनेंस की बड़ी चूक थी या फिर ट्रेन के संचालन में कोई गड़बड़ी हुई थी।
खौफ में आए ट्रेन के यात्री
दूसरी ओर, न्यू दिल्ली-कटरा स्पेशल ट्रेन के डिब्बों में सफर कर रहे प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों का कहना कुछ अलग और बेहद डरावना है। ट्रेन में सवार यात्रियों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने किसी खिंचाव की आवाज नहीं, बल्कि एक बहुत ही जोरदार बम धमाके जैसी भयंकर आवाज सुनी थी। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि सोते हुए यात्री भी अपनी सीट से उछल गए। यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन की कपलिंग और बोगियों के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण आज सैकड़ों श्रद्धालुओं की जान दांव पर लग गई थी।










