UP News: शहीद पथ पर सफर होगा सुपरफास्ट! 23 KM लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खबर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे व्यस्त रूट शहीद पथ को भीषण जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 23 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इसका प्रस्ताव भेजा है, जिसके बाद NHAI और LDA ने फिजिबिलिटी स्टडी और DPR की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 19, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगातार तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों के अत्यधिक दबाव को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। महानगर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण ट्रैफिक कॉरिडोर ‘शहीद पथ’ पर अब एक विशाल एलिवेटेड रोड (उपरिपुल मार्ग) के निर्माण की मजबूत तैयारी शुरू हो गई है। लखनऊ के लोकप्रिय सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक विशेष पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने शहीद पथ के ऊपर नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का एक बड़ा प्रस्ताव सौंपा है, जिससे राजधानी वासियों को रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात मिल सके।

कमता, चिनहट और अर्जुनगंज जैसे बड़े चौराहों पर रेंग रहे वाहन

बताते चले कि, भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से देखा जाए तो शहीद पथ वर्तमान में नवाबों के शहर लखनऊ के पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों की जीवनरेखा बन चुका है। यह राजधानी के कई अहम हिस्सों को आपस में जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इस पूरे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही में कई गुना की अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। इसके चलते कमता, चिनहट, अहिमामऊ, अर्जुनगंज और सुल्तानपुर रोड को जोड़ने वाले बड़े चौराहों पर ‘पीक आवर्स’ (व्यस्ततम समय) के दौरान गाड़ियों की लंबी कतारें और कई किलोमीटर लंबा जाम लगना अब एक आम बात हो गई है। ऑफिस और स्कूल आने-जाने वाले वाहन चालकों को रोजाना घंटों इस दमघोंटू ट्रैफिक जाम में फंसे रहकर समय और ईंधन की बर्बादी झेलनी पड़ती है।

नएचएआई (NHAI) ने शुरू की शुरुआती फिजिबिलिटी स्टडी

शहीद पथ के इस रोज-रोज के ट्रैफिक लोड और जाम की समस्या का एक स्थायी और पक्का समाधान निकालने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने कमर कस ली है। इसी के तहत करीब 23 किलोमीटर लंबा एक अत्याधुनिक एलिवेटेड रोड (उपरिगामी सड़क) बनाने की बड़ी कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों के मुताबिक, इस नए फ्लाईओवर मार्ग को मौजूदा शहीद पथ के ठीक ऊपर (डबल-डेकर मॉडल) या फिर उसके समानांतर (पैरेलल) निर्मित किया जा सकता है। इस महापरियोजना को धरातल पर उतारने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने प्राथमिक स्तर की फिजिबिलिटी स्टडी और शुरुआती प्रपोजल तैयार करने की वैधानिक प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

निर्माण लागत, डिजाइन और टाइमलाइन पर जल्द लगेगी अंतिम मुहर

लखनऊ के इस भावी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को गति देने के लिए लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) को इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। एलडीए के अभियंताओं द्वारा यह तकनीकी ब्लूप्रिंट और डीपीआर तैयार कर लेने के बाद, इस विशालकाय एलिवेटेड रोड की कुल अनुमानित लागत, इसका आर्किटेक्चरल डिजाइन, कंस्ट्रक्शन मॉडल और इसे पूरा करने की सटीक टाइमलाइन (समय सीमा) को अंतिम रूप से फाइनल किया जाएगा। इस ओवरब्रिज रोड के पूर्ण रूप से बन जाने के बाद शहीद पथ का जमीनी ट्रैफिक लोड पूरी तरह आधा हो जाएगा, जिससे पूर्वी और दक्षिणी लखनऊ के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों की यात्रा बेहद तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।

लाखों डेली कम्यूटर्स को मिलेगा जाम से स्थाई छुटकारा

राजधानी लखनऊ में वर्तमान में चल रहे मेट्रो रेल के द्वितीय चरण के विस्तार और अन्य नए बाईपास सड़क प्रोजेक्ट्स के बीच, शहीद पथ एलिवेटेड रोड को लखनऊ के भविष्य के सबसे महत्वपूर्ण और गेम-चेंजर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिकारियों का मानना है कि यह एलिवेटेड हाईवे आने वाले अगले कई दशकों के बढ़ते ट्रैफिक लोड को आसानी से संभालने में पूरी तरह सक्षम होगा। यदि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो यह मेगा प्रोजेक्ट लखनऊ के पूरे ट्रैफिक सिस्टम का कायाकल्प कर देगा और महानगर के लाखों डेली कम्यूटर्स (रोजाना यात्रा करने वाले लोगों) को ट्रैफिक के मानसिक तनाव से हमेशा के लिए मुक्त कर देगा।