Lucknow Fire Case: लखनऊ अग्निकांड वाली इमारत पर शिकंजा, 15 दिन में गिराने का आदेश

Lucknow Fire Case: 15 लोगों की जान लेने वाले लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन शुरू हो गया है। एलडीए कोर्ट ने इमारत गिराने का आदेश दे दिया है। आखिर जांच में ऐसा क्या मिला जिसने पूरे भवन को ध्वस्त करने की नौबत ला दी, जानिए पूरी रिपोर्ट।

लखनऊ अग्निकांड वाली इमारत पर शिकंजा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 10, 2026

Lucknow Fire Case: लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून को हुए दर्दनाक अग्निकांड से जुड़ी इमारत को गिराने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA की विहित प्राधिकारी कोर्ट ने जांच रिपोर्ट के आधार पर भवन को नियमों के विपरीत निर्मित माना है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इमारत का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुसार नहीं किया गया था, इसलिए अब इसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।

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जांच में सामने आईं गंभीर खामियां

एलडीए की जांच में पता चला कि भवन निर्माण के दौरान कई नियमों की अनदेखी की गई थी। स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ। एसआईटी जांच में भी कई बड़ी लापरवाहियां उजागर हुईं। रिपोर्ट के अनुसार, जिस जगह फायर एग्जिट होना चाहिए था, वहां लिफ्ट बना दी गई थी। इसके अलावा भवन में निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली का लोड लिया गया था, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।

अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी

जांच में यह भी सामने आया कि इमारत में आग से बचाव के जरूरी इंतजाम पर्याप्त नहीं थे। फायर सेफ्टी से जुड़े नियमों का पालन न होने की वजह से आग लगने के बाद लोगों को बाहर निकलने में भारी दिक्कत हुई। इमारत में मौजूद कई लोग अंदर फंस गए और समय पर सुरक्षित बाहर नहीं आ सके। इसी लापरवाही ने हादसे को और भयावह बना दिया।

भवन मालिक को 15 दिन की मोहलत

एलडीए ने भवन स्वामी को आदेश दिया है कि वह 15 दिनों के भीतर खुद अवैध निर्माण को ध्वस्त करे। प्राधिकरण के मुताबिक यह समय सीमा नियमों के तहत दी गई है। अगर भवन मालिक तय अवधि में खुद इमारत नहीं गिराता है, तो एलडीए अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।

खर्च भी भवन स्वामी से वसूला जाएगा

प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि यदि एलडीए को खुद कार्रवाई करनी पड़ी, तो ध्वस्तीकरण में आने वाला पूरा खर्च भवन मालिक से वसूला जाएगा। इस आदेश के बाद अब इमारत को गिराने की प्रक्रिया का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

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15 परिवारों पर टूटा था दुखों का पहाड़

22 जून 2026 को अलीगंज में लगी भीषण आग ने 15 परिवारों की जिंदगी बदल दी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में मौजूद कई लोग बाहर नहीं निकल सके। दमकल विभाग और राहत-बचाव टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद प्रशासन ने जांच बैठाई, जिसमें भवन निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।