LPG Crisis: दिल्ली में कांग्रेस का हल्ला बोल, पेट्रोलियम मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली में रसोई गैस (LPG) की कथित कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए सड़क पर ही चूल्हा जलाकर चाय बनाई। कांग्रेस का आरोप है कि गलत नीतियों के कारण जनता को सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

Congress workers protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 13, 2026

LPG Crisis: राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को राजनीतिक पारा उस समय बढ़ गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रसोई गैस (LPG) की कथित भारी कमी और आसमान छूती कीमतों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय के बाहर हुए इस उग्र प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

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केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन

बताते चले कि, प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि सरकार खाना पकाने वाली गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक तरफ जनता सिलेंडरों के लिए भटक रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार स्थिति के बारे में भ्रामक दावे कर रही है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘पारंपरिक चूल्हा’ जलाकर और उस पर चाय बनाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया, जो इस बात का संकेत था कि आधुनिक भारत एक बार फिर धुएँ और लकड़ियों वाले पुराने दौर में लौटने को मजबूर हो रहा है।

घरेलू गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता से उपजा देशव्यापी ऊर्जा संकट

न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इस स्थिति को केंद्र की ‘गलत नीतियों’ का परिणाम बताया। उन्होंने दावा किया कि आज हर घर की रसोई से सिलेंडर गायब है। नेताओं ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा, “आज देश के नागरिक गैस सिलेंडरों के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं, जहाँ भीषण गर्मी और थकान के कारण लोग बेहोश तक हो रहे हैं।” प्रदर्शनकारियों ने इस संकट की तुलना नोटबंदी और कोविड काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी से करते हुए इसे एक ‘मानव निर्मित आपदा’ करार दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट कैंटीन पर ईंधन आपूर्ति का प्रभाव

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि इस किल्लत ने न केवल आम घरों को, बल्कि महत्वपूर्ण संस्थानों को भी प्रभावित किया है। एक प्रदर्शनकारी नेता ने आरोप लगाया, “गैस की भारी कमी के कारण आज दिल्ली हाई कोर्ट जैसी महत्वपूर्ण जगह की कैंटीन बंद हो गई है। यह विडंबना है कि संसद में सरकार दावा करती है कि कोई कमी नहीं है, जबकि हकीकत इसके ठीक उलट सड़कों पर दिखाई दे रही है।”

आपूर्ति श्रृंखला में विफलता पर विपक्ष के तीखे सवाल

विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और मनोज कुमार ने सरकार के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। सांसदों ने पूछा कि यदि आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है, तो कीमतों में बार-बार वृद्धि क्यों की जा रही है? उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चाहे नोटबंदी हो या लॉकडाउन, सरकार हमेशा डेटा छिपाने की कोशिश करती है। सांसदों ने सवाल किया कि इस महंगाई के लिए अंततः कौन जिम्मेदार है—विपक्ष या सत्ता में बैठी सरकार?

दिल्ली पुलिस का हस्तक्षेप

जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन ने जोर पकड़ा, दिल्ली पुलिस ने हस्तक्षेप किया। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि, हिरासत में लिए जाने के बावजूद कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे और स्पष्ट किया कि जब तक आम आदमी को राहत नहीं मिलती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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