LPG Cylinder Delivery: डिलीवरी बॉय मांग रहा है आपका DAC कोड? फोन पर कोड देने से पहले यह जरूर पढ़ें

देश में LPG सिलेंडर की 100% डिलीवरी अब DAC (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) के जरिए हो रही है। लेकिन इस सुरक्षा फीचर का फायदा उठाकर साइबर ठग अब ग्राहकों को कॉल कर OTP और DAC मांग रहे हैं। HP, Indane और Bharat Gas ने चेतावनी जारी कर कहा है कि यह कोड केवल डिलीवरी के वक्त ही साझा करें।

LPG Cylinder Delivery

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 11, 2026

LPG Cylinder Delivery:देश में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) सिस्टम को पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इस व्यवस्था के अंतर्गत अब प्रत्येक सिलेंडर की डिलीवरी के लिए DAC कोड अनिवार्य है। इसका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस सिलेंडर केवल वास्तविक और पंजीकृत उपभोक्ता तक ही पहुंचे। गैस वितरण प्रणाली और पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कंपनियां अब बिना कोड के सिलेंडर हैंडओवर नहीं कर रही हैं, जिससे ब्लैक मार्केटिंग और गड़बड़ियों पर लगाम कसी जा सके।

साइबर ठगों का नया पैंतरा

बताते चले कि, सुरक्षा के लिए बनाए गए इसी DAC सिस्टम को अब साइबर अपराधियों ने अपना हथियार बना लिया है। ठग खुद को HP, Indane या Bharat Gas का कर्मचारी बताकर ग्राहकों को फर्जी कॉल कर रहे हैं। गैस उपभोक्ता और साइबर सुरक्षा के मद्देनजर यह गौर करने वाली बात है कि ये अपराधी KYC अपडेट करने, बुकिंग कन्फर्म करने या जल्दी डिलीवरी दिलाने का लालच देकर आपसे कोड की मांग करते हैं। एक बार कोड मिलते ही वे उपभोक्ता के खाते से वित्तीय धोखाधड़ी कर सकते हैं या फर्जी डिलीवरी दर्ज कर सकते हैं।

HP, Indane और Bharat Gas की चेतावनी

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, बढ़ते खतरों को देखते हुए प्रमुख गैस कंपनियों ने अपने ग्राहकों के लिए आधिकारिक चेतावनी और सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। HP Gas ने स्पष्ट किया है कि उनका कोई भी अधिकारी या कर्मचारी फोन कॉल, WhatsApp या SMS के जरिए कभी भी OTP या DAC नहीं मांगता। वहीं, Bharat Gas और Indane ने बताया कि उनके संदेश विशिष्ट आईडी (जैसे JX-BPCLIN-T या VK-INDANE) से आते हैं। कंपनियों ने साफ किया है कि कोई भी अनजान लिंक या फोन पर मांगा गया कोड ठगी का प्रयास हो सकता है।

कब और किसे देना है यह गुप्त नंबर?

उपभोक्ताओं को यह समझना आवश्यक है कि LPG डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) एक व्यक्तिगत सुरक्षा चाबी है। नियमों के मुताबिक, 6 अंकों का यह कोड केवल उस समय साझा किया जाना चाहिए जब डिलीवरी बॉय वास्तव में आपके दरवाजे पर सिलेंडर लेकर पहुंच जाए। सुरक्षित गैस डिलीवरी और उपभोक्ता जागरूकता के लिए यह जानना जरूरी है कि सिलेंडर प्राप्त करने से पहले या किसी भी कॉल पर यह कोड साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। इसे केवल फेस-टू-फेस ट्रांजैक्शन के लिए ही बचाकर रखें।

गैस कंपनियों ने अंत में उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत अपनी गैस एजेंसी को दें। यदि कोई व्यक्ति खुद को गैस एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर दबाव बनाता है या ऑनलाइन जानकारी मांगता है, तो सावधान हो जाएं। डिजिटल युग में सतर्क उपभोक्ता और सुरक्षित लेनदेन ही आपको इन जालसाजों से बचा सकता है। हमेशा याद रखें, कोड आपके पास है तो आपकी गैस और पैसा दोनों सुरक्षित हैं।