ब्योहारी तहसील के एसडीएम कार्यालय में लोकायुक्त का छापा ,15 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार!

ब्योहारी  तहसील कार्यालय में भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए बीर सिंह कर रहा था एसडीएम कार्यालय में पेशकार का काम। कई सालों से यहां पर था पदस्थ। बिना लिये दिए नहीं होता तहसील कार्यालय में किसी का कोई काम। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की लिखी जा  रही इवारत की खबरों की हो गई पुष्टि भ्रष्टाचार का गढ़ बना तहसील कार्यालय, पैसों के दम पर होते है फैसले। तहसील कार्यालय में हुई लोकायुक्त की दविश से मची खलबली। ब्यौहारी- भ्रष्टाचार के विरुद्ध रीवा लोकायुक्त की टीम ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्यौहारी तहसील में अनुभागीय अधिकारी कार्यालय

Wrriten By :

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Published On :

मई 7, 2026

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ब्योहारी 
तहसील कार्यालय में भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए बीर सिंह कर रहा था एसडीएम कार्यालय में पेशकार का काम। कई सालों से यहां पर था पदस्थ। बिना लिये दिए नहीं होता तहसील कार्यालय में किसी का कोई काम। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की लिखी जा  रही इवारत की खबरों की हो गई पुष्टि भ्रष्टाचार का गढ़ बना तहसील कार्यालय, पैसों के दम पर होते है फैसले। तहसील कार्यालय में हुई लोकायुक्त की दविश से मची खलबली।

ब्यौहारी- भ्रष्टाचार के विरुद्ध रीवा लोकायुक्त की टीम ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्यौहारी तहसील में अनुभागीय अधिकारी कार्यालय के बाबू पेशकार को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। न्यायालयीन प्रकरण में पक्ष में फैसला सुनाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी।

​जमीनी विवाद के फैसले के बदले मांगी थी पंद्रह हजार की घूंस।
​मिली जानकारी अनुसार, तहसील कार्यालय के अनुभागीय अधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक वीर सिंह जो भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए यहां सालों से पेशकार का काम करता रहा है। जिसने एक जमीनी विवाद के मामले में निर्णय पीड़ित पक्ष के हक में करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता को धमकी भी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए, तो वह मामले का निर्णय दूसरे पक्ष संपत जायसवाल के समर्थन में करवा देगा।

​20 हजार में तय हुआ था सौदा।
​शिकायतकर्ता अंकिता जायसवाल पति सुरेश जायसवाल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा से की थी। बताया जा रहा है कि एसडीएम के बाबू वीर सिंह ने शुरुआत में 20 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में मामला 15,000/- रुपये में तय हुआ।

​लोकायुक्त रीवा की कार्यवाही
​शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की बारह सदस्यी टीम ने जाल बिछाया और तहसील के एसडीएम कार्यालय में जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम बाबू वीर सिंह को दी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।  लोकायुक्त की टीम फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही कर रही है।

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