Lok Sabha Adjourned: शुक्रवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पर आम चर्चा प्रस्तावित थी, लेकिन इससे पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। बजट जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा शुरू होने से पहले विपक्ष के तेवर तीखे नजर आए, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी और हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष का जोरदार विरोध
लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई थी, लेकिन जैसे ही सदन शुरू हुआ, विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी और शोर-शराबे के कारण सदन में व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो गया। हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने महज तीन मिनट के भीतर ही सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया और इसे दोपहर 12 बजे तक के लिए रोक दिया गया।
दोपहर में भी नहीं थमा हंगामा
दोपहर 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा। इस दौरान करीब सात मिनट तक लगातार नारेबाजी और हंगामा होता रहा। सदन में किसी भी तरह की चर्चा संभव नहीं हो सकी, जिसके चलते स्थिति और गंभीर हो गई। आखिरकार, लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को 9 फरवरी तक के लिए स्थगित करने का फैसला किया।
लोकसभा स्थगित, राज्यसभा की कार्यवाही जारी
जहां लोकसभा की कार्यवाही लगातार हंगामे की भेंट चढ़ गई, वहीं राज्यसभा में कार्यवाही जारी रही। उच्च सदन में अपेक्षाकृत शांत माहौल देखा गया और वहां तय कार्यक्रम के अनुसार कामकाज चलता रहा। इससे साफ संकेत मिला कि बजट को लेकर दोनों सदनों में माहौल पूरी तरह अलग नजर आ रहा है।
बजट चर्चा पर सस्पेंस बरकरार
लोकसभा के स्थगित होने से केंद्रीय बजट 2026-27 पर होने वाली आम चर्चा फिलहाल टल गई है। सरकार जहां बजट के जरिए अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं को सामने रखना चाहती है, वहीं विपक्ष बजट से जुड़े और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने के मूड में दिख रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद में और ज्यादा राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है।
रवनीत बिट्टू का राहुल गांधी पर तंज
संसद के बाहर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई। केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए बयान दिया। उन्होंने कहा कि “कल सभी ने राहुल गांधी को बालक कहा। आज प्रधानमंत्री की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होने के तरीके बताए गए।” बिट्टू ने तंज कसते हुए आगे कहा कि अगर राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री की पाठशाला में चले जाएं, तो वह भी जिंदगी में कामयाब हो सकते हैं।
बयानबाजी से और गरमाया माहौल
रवनीत बिट्टू के इस बयान के बाद सियासी माहौल और गर्मा गया है। विपक्ष इसे व्यक्तिगत टिप्पणी बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे राजनीतिक कटाक्ष मान रहा है। कुल मिलाकर, बजट चर्चा से पहले संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीति चरम पर पहुंचती नजर आ रही है, जिससे आने वाले सत्रों में तीखी बहस के संकेत मिल रहे हैं।










