Lebanon Crisis Politics : लेबनान संकट पर पीएम मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस का बड़ा हमला, उठाए सवाल

मिडिल-ईस्ट में जारी भयानक युद्ध के बीच अब भारत में सियासी घमासान शुरू हो गया है। लेबनान संकट पर प्रधानमंत्री की ओर से कोई आधिकारिक बयान न आने पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आखिर इस रणनीतिक चुप्पी के पीछे क्या वजह है?

Lebanon Crisis Politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 2, 2026

Lebanon Crisis Politics : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन पर कड़ी फटकार लगाए जाने की अंतरराष्ट्रीय खबरों के बाद अब भारत में भी इस पर राजनीति गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार (2 जून, 2026) को इस वैश्विक घटनाक्रम का हवाला देते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि आज पूरी दुनिया में लेबनान के भीतर इजरायल द्वारा किए जा रहे हिंसक हमलों की चौतरफा निंदा हो रही है और वैश्विक नेता इस पर कड़ा रुख अपना रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच, वैश्विक मामलों पर मुखर रहने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर मानवीय संकट पर पूरी तरह से रहस्यमयी चुप्पी साधे रखी है।

जयराम रमेश का तीखा तंज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ महीने पहले दिए गए एक पुराने बयान का परोक्ष (अप्रत्यक्ष) रूप से हवाला देते हुए उन पर सीधा और तीखा तंज कसा है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए सवाल दागा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी के लिए ‘फादरलैंड’ (पितृभूमि) उनकी अपनी वास्तविक ‘मदरलैंड’ (मातृभूमि) से कहीं ज्यादा मायने रखती है? उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं, तब भी सरकार का इस तरह मौन रहना कई तरह के गंभीर संदेह पैदा करता है।

पश्चिम एशिया में शांति 

कांग्रेस महासचिव ने अपने पोस्ट में इस युद्ध के कारण भारत को होने वाले आर्थिक नुकसान का भी ब्योरा दिया। जयराम रमेश ने लिखा, “पश्चिम एशिया में जारी भयंकर युद्ध को रोकने और वहां शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच लगातार कूटनीतिक बातचीत चल रही है। अगर दोनों देशों के बीच यह शांति समझौता सफल हो जाता है, तो इसका तत्काल और सीधा प्रभाव यह होगा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को व्यापार के लिए फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा। इसके खुलने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट का दबाव बनेगा, जो सीधे तौर पर भारत के आर्थिक और व्यापारिक हितों के लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद साबित होगा।”

लेबनान में इजरायल की लगातार बढ़ती सैन्य घुसपैठ

जयराम रमेश ने वैश्विक स्थिति का विश्लेषण करते हुए आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही यह महत्वपूर्ण शांति वार्ता अब तक किसी ठोस अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है। इसका सबसे बड़ा और मुख्य कारण यह है कि इजरायल लगातार लेबनान के भीतर अपनी सैन्य कार्रवाई को बढ़ा रहा है और वहां बड़े पैमाने पर इजरायली सैनिकों की घुसपैठ देखी गई है। उन्होंने कहा कि इजरायल के इस अड़ियल और आक्रामक रुख से खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस कदर नाराज हो गए कि उन्होंने अपशब्दों से भरी बेहद तल्ख भाषा में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति अपनी अत्यधिक निराशा और क्रोध व्यक्त किया है। दुनिया के कई अन्य शक्तिशाली देश भी अब खुलकर लेबनान में इजरायल की बर्बरता की निंदा कर रहे हैं।

पूरी दुनिया में मची है तबाही

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए कहा कि इसमें अब किसी को कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि जब इजरायल लगातार लेबनान को पूरी तरह तबाह करने पर तुला हुआ है और अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले महत्वपूर्ण शांति समझौते को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, तब दुनिया के बड़े लोकतांत्रिक देशों में से केवल एक सरकार के प्रमुख ऐसे हैं जिन्होंने इस पूरे विनाशकारी घटनाक्रम पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, और वे हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। उन्होंने सवाल किया कि भारत की हमेशा से रही तटस्थ और शांतिप्रिय विदेश नीति को दरकिनार कर सरकार आखिर किसके दबाव में काम कर रही है?

अमेरिकी मीडिया का बड़ा खुलासा

गौरतलब है कि अमेरिकी मीडिया में सोमवार को एक सनसनीखेज खबर प्रकाशित हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली पीएम नेतन्याहू से फोन पर बात की और लेबनान में उनके सैन्य ऑपरेशंस को लेकर उन्हें बेहद बुरी तरह फटकार लगाई। अमेरिकी मीडिया की इस रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने बेहद सख्त और गुस्से में नेतन्याहू से कहा था, “आप इस युद्ध के उन्माद में बिल्कुल पागल हो चुके हैं। अगर मैंने हर मोर्चे पर आपका साथ देकर आपको न बचाया होता, तो आज आप जेल की सलाखों के पीछे होते। मैं आपकी राजनीतिक और व्यक्तिगत जान बचा रहा हूं, लेकिन आपके इन गलत फैसलों की वजह से आज दुनिया का हर एक नागरिक इजरायल से नफरत करने लगा है।”

Read More:  कोंडागांव को मिली 152 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात, मुख्यमंत्री ने खोला विकास का पिटारा