Kumarganj violence : कुमारगंज में पोलिंग के दौरान खूनी खेल, आखिर क्यों भागे शुभेंदु सरकार जान बचाकर?

पश्चिम बंगाल के कुमारगंज में लोकतंत्र शर्मसार! क्या चुनाव के पहले ही चरण में हार के डर से शुभेंदु सरकार को निशाना बनाया गया? बूथ जैमिंग की शिकायत करने पहुंचे भाजपा उम्मीदवार को भीड़ ने घेर लिया, पत्थरबाजी और डंडों से हमला हुआ। देखिए इस हिंसा के पीछे किसका हाथ है और अब क्या होगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 23, 2026

Kumarganj violence : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज इलाके से हिंसा की एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहां भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर हिंसक भीड़ द्वारा जानलेवा हमला किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो फुटेज के अनुसार, स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि शुभेंदु सरकार को अपनी जान बचाने के लिए घटनास्थल से भागना पड़ा। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी उन्हें भीड़ से सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कुछ उपद्रवी उनके साथ हाथापाई और मारपीट कर रहे हैं।

शुभेंदु सरकार के गंभीर आरोप: पोलिंग एजेंटों को बूथ से बाहर निकालने का दावा

इस पूरी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सुबह से ही लगभग 8 से 10 मतदान केंद्रों (बूथों) से उनके पोलिंग एजेंटों को डरा-धमकाकर बाहर निकाल दिया गया था। जब उन्हें इस बात की सूचना मिली, तो वे स्थिति का जायजा लेने और अपने एजेंटों को दोबारा बूथ के भीतर बैठाने के लिए मौके पर पहुंचे। शुभेंदु का दावा है कि जैसे ही वह वहां पहुंचे, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में न केवल उन्हें शारीरिक चोटें आई हैं, बल्कि उनके वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

पहले चरण का मतदान: 152 सीटों पर दांव पर लगी है 1,478 दिग्गजों की किस्मत

पश्चिम बंगाल में आज पहले चरण के तहत 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। लोकतांत्रिक उत्सव के इस पड़ाव में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य का चुनावी समीकरण इस बार काफी जटिल और व्यापक नजर आ रहा है। उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों जैसे दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी से लेकर दक्षिण बंगाल के मैदानी इलाकों पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर तक वोटिंग प्रक्रिया चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें विशेष रूप से मुर्शिदाबाद की 22 और मेदिनीपुर की 31 सीटों पर टिकी हुई हैं, जिन्हें सत्ता की चाबी माना जा रहा है।

मुर्शिदाबाद में खूनी संघर्ष: कच्चे बमों के धमाके से दहल उठा नौदा इलाका

कुमारगंज के अलावा मुर्शिदाबाद जिला भी चुनावी हिंसा की चपेट में रहा। जिले के नौदा क्षेत्र में मतदान के दौरान अज्ञात हमलावरों ने जमकर उत्पात मचाया और कच्चे बम फेंके। इन धमाकों की चपेट में आने से कई स्थानीय लोग और मतदाता घायल हो गए हैं। बमबाजी की घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस घटना ने चुनाव आयोग के सुरक्षा दावों पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

प्रशासन की कार्रवाई: भारी पुलिस बल तैनात, जांच में जुटी टीमें

मुर्शिदाबाद में हुई बमबाजी और कुमारगंज में भाजपा प्रत्याशी पर हमले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल अतिरिक्त सुरक्षा बल और त्वरित कार्य बल (RAF) की तैनाती की गई है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय गवाहों के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और बिना किसी डर के मतदान करने की अपील की है, हालांकि इलाकों में अब भी भारी तनाव व्याप्त है।

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