KTR Slams Congress: चुनावी वादों पर केटीआर का हल्लाबोल, कहा- ‘कांग्रेस ने तेलंगाना की जनता के साथ गद्दारी की’

हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर तीखे बाण छोड़े। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी ने सत्ता में आने के लिए किसानों, युवाओं और महिलाओं से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन एक साल बाद भी 'किसान भरोसा' और 'कर्ज माफी' जैसी योजनाएं ठंडे बस्ते में हैं। क्या केटीआर का यह हमला 2026 के स्थानीय चुनावों में बीआरएस की वापसी का रास्ता साफ करेगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 5, 2026

KTR Slams Congress : भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता और तेलंगाना के पूर्व मंत्री के.टी. रामाराव (KTR) ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनावी वादों के जरिए जनता का भरोसा जीता, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरा करने में नाकाम रही। केटीआर का यह बयान राज्य की राजनीतिक हलचल बढ़ाने वाला साबित हुआ है।

KTR Slams Congress: अधूरे वादों को लेकर विवादित बयान

केटीआर ने कांग्रेस के चुनावी वादों को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2 लाख नौकरियों का वादा किया था, किसानों के कर्ज माफी का आश्वासन दिया था और पिछड़े वर्ग (BC) के लिए आरक्षण देने का भरोसा भी दिलाया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ।

KTR Slams Congress : राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर तीखा निशाना

केटीआर ने अपने बयान में कहा, “राहुल गांधी को अशोक नगर के चौराहे पर फांसी देनी चाहिए क्योंकि उन्होंने 2 लाख नौकरियों का वादा किया और पूरा नहीं किया। किसानों के कर्ज माफी के वादे पर उन्हें वारंगल में फांसी देनी चाहिए। बीसी आरक्षण के वादे पर राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी को कमारेड्डी में फांसी दी जानी चाहिए। अगर हर अधूरे वादे पर फांसी दी जाए, तो कांग्रेस को 420 बार फांसी झेलनी पड़ेगी।”

राज्य की राजनीतिक तापमान में बढ़ोतरी

केटीआर के बयान के बाद तेलंगाना में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। वहीं, यह भी ध्यान देने योग्य है कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुकाबले केसीआर की भारत राष्ट्र समिति ने शानदार जीत दर्ज की थी।

पहले भी कांग्रेस और सीएम पर साधा निशाना

बता दें कि केटीआर ने पहले भी कांग्रेस और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर हमला किया था। उन्होंने विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री के सिंचाई और नदी जल संबंधी ज्ञान पर सवाल उठाए थे। केटीआर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से भाखड़ा नांगल परियोजना को तेलंगाना में स्थित बताकर गलत जानकारी दी, जबकि यह परियोजना वास्तव में हिमाचल प्रदेश में है।

तंज और तीखा व्यंग्य

केटीआर ने तंज कसते हुए कहा, “जो मुख्यमंत्री बुनियादी नदी बेसिन तक नहीं जानते, वे हमें सिंचाई पर उपदेश देना चाहते हैं?” उनका यह बयान विपक्षी नेताओं के लिए व्यंग्य और आलोचना का प्रतीक बना हुआ है।

राजनीतिक माहौल पर असर

केटीआर के विवादित बयान ने राज्य में चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान न केवल पार्टी की छवि को प्रभावित करते हैं, बल्कि विरोधियों को भी सक्रिय करते हैं।कुल मिलाकर केटीआर ने कांग्रेस पर चुनावी वादे नहीं निभाने, अधूरे वादों के लिए व्यक्तिगत आलोचना और हास्य व्यंग्य का प्रयोग करके तीखा हमला बोला है। इससे तेलंगाना में राजनीतिक बहस और सियासी उथल-पुथल बढ़ने की संभावना है।

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