Krishan Kalugamage story: पिज्जा बनाने वाले गेंदबाज ने टी20 वर्ल्ड कप में नेपाल को किया ढेर, संघर्ष की अनोखी कहानी

कृष्ण कालूगमागे इटली के लुक्का शहर में एक पिज्जा शॉप में शेफ हैं। क्रिकेट के जुनून के कारण उन्होंने कई नौकरियां खोईं क्योंकि मालिक रविवार को छुट्टी नहीं देते थे। आज उसी कृष्ण ने टी20 वर्ल्ड कप में नेपाल के 3 बड़े विकेट लेकर अपनी टीम को पहली जीत दिलाई।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 12, 2026

Krishan Kalugamage story : टी20 वर्ल्ड कप के 17वें मुकाबले में क्रिकेट जगत को एक ऐसी कहानी देखने को मिली, जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। इटली और नेपाल के बीच हुए इस रोमांचक मैच में इटली के गेंदबाजों ने अपनी धारदार गेंदबाजी से सबको हैरान कर दिया। नेपाल की टीम, जिसे एशिया की उभरती हुई शक्ति माना जाता है, इटली के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और 20 ओवर पूरे होने से पहले ही महज 123 रनों पर ऑल आउट हो गई। इस ऐतिहासिक पतन के सबसे बड़े सूत्रधार रहे लेग स्पिनर कृष्ण कालूगमागे, जिन्होंने अपनी जादुई फिरकी से नेपाली बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

18 रन देकर झटके 3 विकेट: कालूगमागे का करियर बेस्ट स्पेल

कृष्ण कालूगमागे ने इस मैच में अपने कोटे के ओवरों में केवल 18 रन खर्च किए और 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से नेपाल के अनुभवी बल्लेबाजों को पूरी तरह से असमंजस में डाल दिया। कालूगमागे ने नेपाल के कप्तान रोहित पोडेल, विस्फोटक बल्लेबाज दीपेंद्र सिंह एरी और गुलशन झा जैसे बड़े नामों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस प्रदर्शन ने न केवल इटली को मैच में मजबूत स्थिति में पहुँचाया, बल्कि दुनिया को एक ऐसे खिलाड़ी से मिलवाया जो अभावों में भी कमाल करना जानता है।

पिज्जा शॉप में काम और हफ्ते में सिर्फ एक बार ट्रेनिंग

कालूगमागे की सफलता के पीछे का संघर्ष दिल छू लेने वाला है। आपको जानकर हैरानी होगी कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर बड़े-बड़े दिग्गजों को चकाने वाला यह गेंदबाज पेशेवर रूप से एक पिज्जा मेकर है। इटली के लुक्का शहर में रहने वाले कृष्ण एक पिज्जा शॉप में काम करते हैं। इटली में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत कम है और वहाँ अभ्यास की सुविधाएं न के बराबर हैं। काम की व्यस्तता और सुविधाओं की कमी के कारण वे हफ्ते में केवल एक दिन ट्रेनिंग कर पाते थे। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि प्रैक्टिस के लिए उन्हें कई बार अपनी नौकरियां तक छोड़नी पड़ीं।

अभ्यास के लिए 700 किलोमीटर का सफर: जुनून की मिसाल

इटली में क्रिकेट का केंद्र मुख्य रूप से रोम है, जबकि कृष्ण लुक्का में रहते थे। अभ्यास करने के लिए वे हर हफ्ते सुबह-सुबह घर से निकलते और रोम पहुँचने के लिए लगभग 700 किलोमीटर का लंबा सफर तय करते थे। दिन भर कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग के बाद वे देर रात वापस अपने शहर लौटते थे। श्रीलंका के नेगोम्बो में जन्मे कृष्ण 15 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ इटली आए थे। उनके आदर्श महान श्रीलंकाई क्रिकेटर अरविंद डी सिल्वा और सनथ जयसूर्या रहे हैं। इटली जैसे गैर-पारंपरिक क्रिकेट देश में रहकर वर्ल्ड कप तक का सफर तय करना उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है।

श्रीलंका में नेट बॉलर बनकर की वर्ल्ड कप की तैयारी

टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए कृष्ण ने एक स्मार्ट रणनीति अपनाई। वे टूर्नामेंट से कुछ समय पहले अपनी जन्मभूमि श्रीलंका लौट गए। वहाँ उन्होंने श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम के साथ नेट गेंदबाज के रूप में काफी समय बिताया। लंका के दिग्गज बल्लेबाजों को गेंदबाजी करने से उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई और उनकी गेंदबाजी में और अधिक पैनापन आया। आज जब उन्होंने वर्ल्ड कप के मंच पर नेपाल के कप्तान और अन्य प्रमुख खिलाड़ियों के विकेट लिए, तो उनकी वह ‘नेट प्रैक्टिस’ और पुरानी मेहनत रंग लाती दिखी।

संघर्ष से सफलता तक: क्रिकेट जगत के लिए प्रेरणा

कृष्ण कालूगमागे की यह कहानी साबित करती है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं। एक ओर जहाँ आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ी करोड़ों की सुविधाओं के बीच अभ्यास करते हैं, वहीं दूसरी ओर एक पिज्जा बनाने वाला खिलाड़ी अपनी मेहनत से इतिहास रच रहा है। नेपाल के खिलाफ उनकी इस परफॉर्मेंस ने इटली के क्रिकेट भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं। आने वाले मैचों में भी दुनिया की नजरें इस ‘पिज्जा मेकर’ गेंदबाज पर टिकी रहेंगी।

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