Kolkata Student Protest Violence: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी लोग हिंसा, तोड़फोड़ और पत्रकारों पर हमले की घटनाओं में कथित रूप से शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, इन गिरफ्तारियों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है।
पुलिस का दावा, गिरफ्तार लोगों में कोई छात्र शामिल नहीं
एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम) कुणाल अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में कोई भी छात्र नहीं है। उनके अनुसार, सभी आरोपी असामाजिक तत्व हैं, जो शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की रैली के दौरान मौजूद थे और कथित तौर पर हिंसा एवं तोड़फोड़ की घटनाओं में शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने छात्रों के प्रदर्शन की आड़ लेकर माहौल बिगाड़ने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सार्वजनिक की गई
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी 11 आरोपियों की पहचान भी सार्वजनिक की है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें इरफान खुर्शीद (30), अरशद अली उर्फ साजिद (50), मोहम्मद मोइनुद्दीन (26), मोहम्मद आलमगीर उर्फ राजू (48), इमरान अहमद उर्फ गोपी (19), खालिद रजा उर्फ रिंकू (47), जमीर अहमद उर्फ मिंकू (42), मोहसिन खान (30), दीपक भौमिक उर्फ विक्की (38), मोहम्मद आजाद और मोहम्मद अफरोज शामिल हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है ताकि हिंसा की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।
राज्य छोड़कर भागने की कोशिश में पकड़े गए दो आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मोहम्मद आजाद और मोहम्मद अफरोज पश्चिम बंगाल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। एडिशनल सीपी (क्राइम) कुणाल अग्रवाल ने बताया कि दोनों को अंडाल के पास दुर्गापुर एक्सप्रेसवे पर पकड़ लिया गया। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई के कारण दोनों आरोपी फरार होने में सफल नहीं हो सके। अब उनसे भी पूछताछ कर घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर जारी है जांच
जांच एजेंसियां घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही हैं। इसके अलावा मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और मीडिया में सामने आए दृश्य भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। पुलिस का उद्देश्य हिंसा में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पहचान करना है। अधिकारियों ने कहा है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कानून व्यवस्था बनाए रखने पर पुलिस का जोर
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा, तोड़फोड़ और पत्रकारों पर हमला जैसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में CJP के प्रदर्शन के बाद सफाई अभियान भी चलाया गया। जानकारी के अनुसार, एनडीएमसी के 500 से अधिक सफाईकर्मी क्षेत्र को साफ करने में जुटे रहे। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा जांच पूरी होने तक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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