Kiren Rijiju Vs Rahul :सुषमा स्वराज की जयंती पर रिजिजू ने दी श्रद्धांजलि, राहुल गांधी पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि एक "मैच्योर" नेता विपक्ष लोकसभा के सुचारू संचालन और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 15, 2026

Kiren Rijiju Vs Rahul :केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री, किरेन रिजिजू ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक “मैच्योर” नेता विपक्ष (LoP) लोकसभा के सुचारू संचालन में सहायक हो सकता है और संसदीय लोकतंत्र को मजबूती दे सकता है। रिजिजू ने यह बयान दिवंगत सुषमा स्वराज की जयंती के अवसर पर दिया। उन्होंने ट्वीट किया, “एक मैच्योर LoP, सदन के कामकाज को बेहतर बनाने और संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध करने में अहम भूमिका निभा सकता है।”

बिना परमिट दौड़ रही बसों पर लगेगा ब्रेक, 16 फरवरी से स्पेशल ड्राइव शुरू

सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि और उनके योगदान की सराहना

Kiren Rijiju Vs Rahul
सुषमा स्वराज की जयंती पर रिजिजू ने दी श्रद्धांजलि

रिजिजू ने सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक “दमदार वक्ता” थीं और उनकी जीवनशैली और संवेदनशीलता हमेशा एक प्रेरणा रही है। केंद्रीय मंत्री ने लिखा, “दिवंगत सुषमा स्वराज जी, पूर्व विदेश मंत्री और नेता विपक्ष को याद करते हुए, उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। वह एक महान नेता थीं, जिन्होंने अपनी सेवा और समर्पण से देश को आगे बढ़ाया। उनकी यादें और उनके आदर्श हमेशा हमारे मार्गदर्शक रहेंगे।”

राहुल गांधी के बयान पर विवाद

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बजट सत्र के पहले चरण में लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने जनरल MM नरवणे की यादों पर कुछ बयान दिए थे, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें बेबुनियाद करार दिया। इसके अलावा, राहुल गांधी के “एपस्टीन फाइल्स” और भारत-अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते पर दिए गए विवादास्पद बयान भी सुर्खियों में रहे। BJP ने राहुल गांधी के आरोपों को “बेबुनियाद” बताते हुए उन पर कड़ी आलोचना की।

रिजिजू का ‘प्रिविलेज मोशन’ पर बयान

रिजिजू ने कहा कि सरकार ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्तावित प्रिविलेज मोशन को वापस लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ सदन में सब्सटेंटिव मोशन लाया था, और इसके बाद सरकार ने अपना मोशन वापस ले लिया।” केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि अगर इस मोशन को मंजूरी मिलती है, तो सरकार स्पीकर से सलाह लेगी कि इसे प्रिविलेज कमेटी या एथिक्स कमेटी को भेजा जाए या फिर इसे सदन में चर्चा के लिए लाया जाए।

राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और सरकार के खिलाफ चुनौती

दूसरी ओर, राहुल गांधी ने गुरुवार को बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को चुनौती दी, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनके खिलाफ “प्रिविलेज मोशन” लाती है तो वह इसका स्वागत करेंगे। राहुल गांधी ने अपने बयान में किसानों के लिए लड़ने के अपने वादे को भी जोर दिया और इसे सरकार की आलोचना के रूप में पेश किया। इस बीच, किरेन रिजिजू ने बुधवार को दिए अपने बयान में कहा था कि बीजेपी सांसद गांधी के खिलाफ सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के आरोप में प्रिविलेज नोटिस जारी करेंगे। इस पर राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अब इसका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

आखिरकार क्या होगा सदन का भविष्य?

इस पूरे घटनाक्रम में यह देखा जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। हालांकि, रिजिजू का यह कहना था कि “एक मैच्योर LoP” की भूमिका से सदन के कामकाज को सुचारू बनाना संभव है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बीजेपी राहुल गांधी के विरोध में और सख्त कदम उठा सकती है। राहुल गांधी और सरकार के बीच बढ़ते विवाद से यह साफ है कि आगामी दिनों में संसद में तकरार की स्थितियां बनी रहेंगी, लेकिन क्या इससे संसदीय प्रक्रिया पर असर पड़ेगा या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।

इंदौर में नई ‘नेटम’ तकनीक से बनेगा छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन