
Parliament News : केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उनकी पार्टी को सात सलाह दीं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस भविष्य में अधिक सांसद जिताना चाहती है, तो राहुल गांधी को कुछ बदलाव करने होंगे। रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर इन शर्तों को गिनाया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खुली बहस की मांग को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है।
भारत में ज्यादा समय बिताने की दी सलाह
रिजिजू ने अपनी पहली सलाह में राहुल गांधी से भारत में अधिक समय बिताने को कहा। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि कांग्रेस नेता को बार-बार विदेश जाने और कथित तौर पर गुप्त रूप से छुट्टियां मनाने से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि राहुल गांधी देश में अधिक समय बिताएंगे, तो उन्हें जनता और देश की राजनीतिक परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।
वरिष्ठ नेताओं और बुजुर्गों का सम्मान करने की बात
केंद्रीय मंत्री ने दूसरी सलाह में राहुल गांधी को वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करने की बात कही। उन्होंने भारतीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बुजुर्गों से सीखना और उनके अनुभवों को महत्व देना जरूरी है। रिजिजू ने कांग्रेस नेता को सलाह दी कि उन्हें वरिष्ठों के अनुभवों से मार्गदर्शन लेना चाहिए। इस टिप्पणी को कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी की कार्यशैली पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
भारत विरोधी लोगों से दूरी बनाने की सलाह
रिजिजू ने राहुल गांधी से भारत विरोधी लोगों से मुलाकात नहीं करने और उनके एजेंडे को बढ़ावा देने से बचने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता को ऐसे लोगों के साथ संबंधों से दूरी बनानी चाहिए, जिनकी गतिविधियां भारत के हितों के खिलाफ मानी जाती हैं। हालांकि, यह टिप्पणी रिजिजू का राजनीतिक आरोप है।
भाजपा, आरएसएस और प्रधानमंत्री के प्रति नफरत खत्म करने को कहा
अपनी अगली शर्त में रिजिजू ने राहुल गांधी से भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कथित नफरत खत्म करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भाजपा को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि दुश्मन के रूप में। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होने के बावजूद राजनीतिक विरोधियों के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
संसद की कार्यवाही में गंभीरता दिखाने की सलाह
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी से संसद को अधिक गंभीरता से लेने की बात भी कही। उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस नेतृत्व को अपने सांसदों को सदन की बहस और चर्चाओं में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। रिजिजू की यह टिप्पणी संसद की कार्यवाही और विपक्ष की भूमिका को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आई है।
संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर जोर
रिजिजू ने अपनी शर्तों में भारतीय संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को भी शामिल किया। उन्होंने कांग्रेस से लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप काम करने और संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में वंशवादी राजनीति खत्म करने की सलाह दी।
संसद में भाषण का वीडियो साझा कर बढ़ाई सियासी गर्मी
इससे पहले बुधवार को रिजिजू ने संसद में दिए अपने भाषण का वीडियो भी एक्स पर साझा किया था। उस समय विपक्षी नेता सदन से बाहर चले गए थे। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया। रिजिजू की सात शर्तों ने राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है।
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