Kiren Rijiju On LS: संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष “बेचैन” हो रहा है और लोग स्पीकर की शक्ति अपने लिए हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।
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विपक्ष पर आरोप और सदन में नारेबाजी
संसदीय बैठकों के दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा नारेबाजी किए जाने पर रिजिजू ने उन्हें मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब दिया। उन्होंने पूर्व में राहुल गांधी के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई सदस्य खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उनके पास इसका “कोई इलाज नहीं है”।
रिजिजू ने सदन में बताया कि विपक्ष के कुछ सदस्य कहते रहे कि उन्हें संसद में बोलने के लिए किसी की अनुमति की ज़रूरत नहीं है। मंत्री ने कहा, “संसद में बोलना आपका अधिकार है, लेकिन इसके लिए स्पीकर की परमिशन ज़रूरी है। यह संविधान और सदन के नियमों में स्पष्ट है।”
स्पीकर की शक्तियों और नियमों का विवरण
रिजिजू ने सदस्यों को स्पष्ट किया कि किसी भी सदस्य को फ़्लोर पर बोलने और स्पीकर का ध्यान आकर्षित करने की अनुमति नियमों के अनुसार दी जाती है। उन्होंने कहा कि 115 (A) रूल के तहत जब भी कोई सांसद बोलने के लिए नोटिस देता है, तो हर पार्टी ऐसा नोटिस देती है। यदि कोई सदस्य खुद नोटिस देता है, तो वह बोल सकता है। स्पीकर किसी भी सदस्य को बोलने का मौका देने का अंतिम अधिकार रखते हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि कुछ शेष शक्तियाँ (Residual Powers) रूल्स ऑफ़ प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ़ बिज़नेस में स्पष्ट नहीं हैं। जब स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन आता है, तो प्रोसिडिंग्स की अध्यक्षता किसे करनी है, यह कन्वेंशन पर निर्भर करता है।
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विपक्ष की आलोचना और संसदीय अधिकार
रिजिजू ने कांग्रेस MPs पर आरोप लगाया कि वे “यह तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि चेयर पर कौन बैठेगा”। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष स्पीकर के अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी मुद्दे पर चर्चा पहले नहीं हुई है, तो उस मामले पर आख़िरी निर्णय स्पीकर का होता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर बहस शुरू होते ही कांग्रेस MP गौरव गोगोई ने रिजिजू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ऐसे मंत्री के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने विपक्ष को सबसे ज़्यादा टोका। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड और ट्रांसक्रिप्ट्स देखी जाएँगी, तो यह स्पष्ट होगा कि रिजिजू विपक्ष को लगातार रोकते रहे।
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अमित शाह का समर्थन
यूनियन होम मिनिस्टर अमित शाह ने रिजिजू का बचाव करते हुए कहा कि ऐसी रोक तब आवश्यक होती है जब कोई सदस्य संसदीय नियमों का पालन नहीं करता। उन्होंने रिजिजू के संसदीय मामलों के मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का हवाला दिया।










