Khushkheda chemical factory fire: भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई, जिससे बड़ा हादसा सामने आया। आग की चपेट में आने से फैक्ट्री में काम कर रहे 7 मजदूरों की मौत हो गई है। मृतकों के शव मौके से बाहर निकाल लिए गए हैं, जबकि अभी भी दो मजदूर फैक्ट्री के अंदर फंसे बताए जा रहे हैं।
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घटना की प्रारंभिक जानकारी

घटना सोमवार सुबह हुई, जब फैक्ट्री में लगभग 25 मजदूर काम कर रहे थे। आग लगते ही फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। एडीएम सुमिता मिश्रा ने बताया कि पुलिस को गश्त के दौरान आग लगने की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री के अंदर कुल 9 लोग फंसे हुए थे। इनमें से 7 की मौत हो चुकी है और दो को बचाने के प्रयास जारी हैं।
दमकल और रेस्क्यू ऑपरेशन
खुशखेड़ा फायर स्टेशन और भिवाड़ी रीको फायर स्टेशन की दमकल टीम मौके पर पहुंची और लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्यों के दौरान प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए।
प्रशासन और जांच
घटनास्थल पर तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह मौजूद हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, भिवाड़ी एसपी और एडीएम भी मौके पर पहुंचने वाले हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता और प्रभावित मजदूरों के लिए राहत कार्य शुरू कर दिया गया है।
हादसे के कारण और आगे की कार्रवाई
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, आग किस वजह से लगी, इसकी जांच जारी है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा भी प्रशासन द्वारा की जाएगी। यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा और मजदूरों के जीवन की सुरक्षा पर सवाल उठाता है। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि बचाव कार्य तेज़ी से और प्रभावी तरीके से किया जाए।
प्रभावित मजदूरों और समुदाय के लिए राहत
प्रशासन ने प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों के लिए तत्काल राहत की घोषणा की है। मृतक मजदूरों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा और जिन मजदूरों को आग से बचाया गया है, उनकी चिकित्सीय सहायता जारी है। भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुई यह आग का हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन, दमकल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी त्रासदी टली, लेकिन इस घटना में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। मामले की पूरी जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे।
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