FCRA Bill: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकतंत्र और विपक्षी एकजुटता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति के हाथ नहीं बांधे जा सकते और न ही किसी के विचारों को दबाया जाना चाहिए। खरगे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का रुख साफ है और विपक्षी दलों के सामूहिक फैसले का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक यानी FCRA Bill का विरोध करेगी।
विपक्षी दलों की बैठक में FCRA बिल पर होगी चर्चा
मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि सोमवार को विपक्षी दलों के फ्लोर नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में FCRA संशोधन विधेयक समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, विपक्षी दल किसी भी ऐसे कदम का विरोध करेंगे, जिसे वे लोकतांत्रिक अधिकारों और संस्थाओं के लिए चुनौती मानते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का सामूहिक रुख ही आगे की रणनीति तय करेगा।
रुद्रपुर में छात्रों के आंदोलन पर खरगे ने दी प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के रुद्रपुर में समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान खरगे ने देशभर में युवाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान और झारखंड के रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन का उल्लेख किया। खरगे ने कहा कि युवाओं की समस्याओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को कांग्रेस लगातार उठाती रही है।
राहुल गांधी ने पहले उठाया था छात्रों का मुद्दा
खरगे ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से जुड़े इन मुद्दों को सबसे पहले प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने कोटा का दौरा किया और वहां छात्रों समेत इस समस्या से जुड़े विभिन्न लोगों से मुलाकात की थी। खरगे के मुताबिक, राहुल गांधी द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद इसे व्यापक स्तर पर चर्चा और समर्थन मिला।
छात्रों को मिला आंदोलन के लिए प्रोत्साहन
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखी हैं और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी के अभियान और छात्रों के साथ संवाद से युवाओं को अपनी आवाज मजबूती से उठाने का प्रोत्साहन मिला है। खरगे ने कहा कि युवाओं के भविष्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रयागराज में राहुल गांधी ने छात्रों से की मुलाकात
इससे पहले शनिवार को राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने युवाओं की समस्याएं सुनीं और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने कहा कि युवा पढ़ाई करते हैं, शिक्षा पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के अवसरों के दरवाजे बंद नजर आते हैं। उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी को देश के सामने बड़ी चुनौती बताया।
मेड इन इंडिया को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुनिया के बाजारों में ‘मेड इन चाइना’ और ‘मेड इन वियतनाम’ के उत्पाद दिखाई देते हैं, लेकिन ‘मेड इन इंडिया’ की मौजूदगी अपेक्षा के मुताबिक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों ने छोटे कारोबार और रोजगार पैदा करने वाली व्यवस्था को प्रभावित किया।
युवाओं को बताया भारत की ताकत और शान
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए प्रयागराज के केपी मैदान में बनाए गए मंच से राहुल गांधी ने छात्राओं के साथ संवाद भी किया। उन्होंने युवाओं को भारत की शक्ति और देश की शान बताया। राहुल गांधी ने कहा कि जब वह युवाओं को भारत की ताकत कहते हैं तो उनका मतलब केवल कार्यक्रम में मौजूद भीड़ से नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं से होता है। कांग्रेस अब छात्र आंदोलनों और रोजगार के मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर और मजबूती से उठाने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
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