Khan Sir Surrender : खान सर सरेंडर करने पहुंचे पटना सिविल कोर्ट, फायरिंग केस में हुई थी FIR

पटना के मशहूर शिक्षक खान सर अचानक सरेंडर करने पटना सिविल कोर्ट पहुंच गए हैं। पिछले दिनों कोचिंग क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प और फायरिंग मामले में नामजद एफआईआर दर्ज होने के बाद से वे लगातार सुरक्षा घेरे में थे। कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। क्या खान सर को जेल होगी?

Khan Sir Surrender

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 6, 2026

Khan Sir Surrender : बिहार की राजधानी पटना में हुए हाई-प्रोफाइल कोचिंग फायरिंग विवाद के बाद देश के प्रसिद्ध शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर कानूनी संकट में पूरी तरह घिर चुके हैं। विवाद में नाम सामने आने और पुलिसिया कार्रवाई के बढ़ते दबाव के बीच, खान सर ने आखिरकार आत्मसमर्पण का रास्ता चुन लिया है। वे अपने वरिष्ठ वकीलों की पूरी टीम के साथ पटना सिविल कोर्ट परिसर पहुंच चुके हैं। न्यायालय परिसर के सूत्रों के मुताबिक, खान सर अदालत के समक्ष विधिवत रूप से सरेंडर कर रहे हैं, जिसके तुरंत बाद उनके वकीलों द्वारा कोर्ट में नियमित जमानत के लिए याचिका दाखिल की जाएगी।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे थे सवाल

इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी खान सर की गिरफ्तारी न होने के कारण पटना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर लगातार गंभीर सवाल उठाए जा रहे थे। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यह चर्चा जोरों पर थी कि पुलिस आखिर इतने बड़े मामले के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने में ढिलाई क्यों बरत रही है। इसके साथ ही यह रहस्य भी गहराता जा रहा था कि एफआईआर दर्ज होने के बाद खान सर अचानक कहां गायब हो गए थे। इन तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए वे अब सीधे सरेंडर करने अदालत पहुंच गए हैं।

वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोप

खान सर की गिरफ्तारी में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर पटना के कोचिंग जगत और शिक्षाविदों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ज्ञानबिंदु कोचिंग संस्थान के प्रसिद्ध शिक्षक वरुण ठाकुर ने स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिसिया तंत्र पर सुस्ती बरतने और वीआईपी ट्रीटमेंट देने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। वरुण ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस पूरे विवाद में प्रशासन निष्पक्षता और तत्परता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कानून के दोहरे रवैये पर सवाल खड़े करते हुए प्रशासन की मंशा को कटघरे में खड़ा किया है।

रौशन आनंद की तत्काल गिरफ्तारी

शिक्षक वरुण ठाकुर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इसी फायरिंग मामले में नामजद अन्य आरोपी शिक्षक रौशन आनंद को पुलिस ने बिना किसी देरी के तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन जब बात खान सर की आई, तो पुलिस की कार्रवाई की रफ्तार रहस्यमयी ढंग से धीमी हो गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस पूरे मामले में बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो देश के छात्र, युवा और शिक्षक एक बार फिर से न्याय के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

वकीलों की रणनीति तैयार

पटना सिविल कोर्ट में खान सर के वकीलों ने आत्मसमर्पण की औपचारिकताएं पूरी करने के साथ ही अपनी कानूनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। खान सर के बचाव पक्ष के वकीलों का मुख्य तर्क यह होगा कि इस पूरी फायरिंग घटना और विवाद में खान सर की कोई सीधी संलिप्तता या भूमिका नहीं है। वकीलों के अनुसार, सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में जमानत अर्जी पेश की जाएगी। अब यह पूरी तरह से अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा कि वह खान सर को राहत देती है या उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजती है।

कोचिंग हब पटना में भारी तनाव

खान सर के सिविल कोर्ट पहुंचने की खबर जैसे ही आम हुई, अदालत परिसर के बाहर भारी संख्या में उनके समर्थकों, छात्रों और मीडिया कर्मियों का हुजूम उमड़ पड़ा। पटना के कोचिंग हब कहे जाने वाले इलाकों में इस घटना के बाद से ही स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने कोर्ट परिसर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी मात्रा में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है। सभी की नजरें अब कोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।

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