Khan Sir Patna: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में मशहूर शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर को बड़ी राहत मिली है। पटना की एक सिविल कोर्ट ने सोमवार को खान सर और उनके दो बॉडीगार्ड्स को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। यह मामला मुसल्लहपुर इलाके में स्थित ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (KGS) में हुई हिंसक झड़प और उसके बाद हुई फायरिंग की घटनाओं से जुड़ा है। कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस मामले को लेकर शहर के शैक्षणिक हलकों में काफी गरमा-गरमी थी।
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क्या है पूरा मामला?
विवाद की जड़ 2 जून, 2026 को हुई एक हिंसक घटना में है। आरोप है कि उस दिन 15-20 लोगों के एक समूह ने खान सर के कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ पर धावा बोल दिया, जिसमें जमकर तोड़-फोड़ और पत्थरबाजी की गई। घटना के तुरंत बाद, खान सर ने दावा किया था कि यह हमला एक प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के इशारे पर किया गया है।
हालांकि, स्थिति ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब प्रतिद्वंद्वी संस्थान के सदस्यों ने पलटवार करते हुए खान सर पर ही इस पूरी घटना को खुद प्रायोजित करने का आरोप लगा दिया। इस मामले में कदमकुआं थाने में FIR दर्ज की गई और पुलिस ने गहन जांच शुरू की।
बॉडीगार्ड्स का खुलासा और खान सर की मुश्किलें
पुलिस की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स, प्रदीप कुमार और तालेबार सिंह (दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी), ने पुलिस पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए। इन गार्ड्स ने आरोप लगाया कि उन्हें फायरिंग का आदेश सीधे खान सर द्वारा दिया गया था। उन्होंने बताया कि कोचिंग के बाहर हुई झड़प के बाद जब भीड़ अनियंत्रित हो गई, तब उन्होंने अपनी लाइसेंसी .315-बोर राइफल से फायरिंग की थी।
गार्ड्स के दावों के अनुसार, घटना के वक्त खान सर मौके पर ही मौजूद थे। पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। खान सर ने हालांकि इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
आग की घटना ने बढ़ाई चिंता
कोचिंग संस्थान से जुड़ी समस्याओं का सिलसिला यहीं नहीं थमा। 25 जून, 2026 को मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर के इसी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। हालांकि, संस्थान में लगे फायर सिस्टम की मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना गया। चिंताजनक बात यह रही कि घटना से मात्र तीन दिन पूर्व ही फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने संस्थान के फायर सेफ्टी सिस्टम में खामियां पाई थीं और उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।
कानून और प्रशासन का रुख
फिलहाल, पुलिस प्रशासन 2 जून की हिंसा, फायरिंग के आरोपों और संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था, तीनों बिंदुओं पर अलग-अलग जांच कर रहा है। सिविल कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत मिलने के बाद खान सर ने राहत की सांस ली है, लेकिन पुलिस की जांच की तलवार अभी भी लटकी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने पटना जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्र में कोचिंग माफियाओं के बढ़ते प्रभाव और सुरक्षा मानकों के अभाव जैसे गंभीर सवालों को फिर से जन्म दे दिया है। अब सभी की निगाहें कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण पर टिकी हैं।
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