Kerala Election 2026 : कांग्रेस की एक और बड़ी लिस्ट जारी, 55 उम्मीदवारों के नाम फाइनल, देखें किसे मिला टिकट!

केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है, जिसमें 55 उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाई गई है। इस लिस्ट में युवाओं और अनुभवी नेताओं का मिश्रण देखा जा रहा है। क्या यह सूची कांग्रेस को सत्ता में वापसी कराएगी या अंदरूनी कलह का कारण बनेगी? देखिए पूरी लिस्ट।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 17, 2026

Kerala Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंच गई हैं। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें 55 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है। पार्टी ने इस बार ‘निरंतरता और अनुभव’ के फॉर्मूले पर चलते हुए अपने 20 मौजूदा विधायकों को दोबारा चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। कांग्रेस आलाकमान को भरोसा है कि इन अनुभवी चेहरों के दम पर वह सत्ता विरोधी लहर का लाभ उठाकर सत्ता में वापसी करने में सफल रहेगी। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

प्रमुख चेहरों पर दांव: रमेश चेन्निथला और वी.डी. सतीशन फिर मैदान में

कांग्रेस की इस सूची में राज्य के कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के सदस्य और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला एक बार फिर अपनी पारंपरिक सीट ‘हरिपद’ से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, विधानसभा में विपक्ष के कद्दावर नेता वी.डी. सतीशन को ‘परवूर’ से उम्मीदवार बनाया गया है। संगठन की मजबूती को देखते हुए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ को ‘पेरावूर’ सीट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन भारी-भरकम नामों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि कांग्रेस इस चुनाव को कितनी गंभीरता से ले रही है और वह एलडीएफ के गढ़ में सेंध लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

एलडीएफ का पलटवार: सीपीआई ने घोषित किए 25 उम्मीदवार

सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) में दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने भी अपनी चुनावी बिसात बिछा दी है। सीपीआई ने 25 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने अपने मौजूदा मंत्रियों पर पूरा भरोसा जताया है। कैबिनेट में शामिल सीपीआई के चारों मंत्री एक बार फिर चुनावी समर में अपनी किस्मत आजमाएंगे। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाले गठबंधन का लक्ष्य राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचना है। सीपीआई के उम्मीदवारों के चयन में क्षेत्रीय समीकरणों और पिछले पांच वर्षों के विकास कार्यों को मुख्य आधार बनाया गया है।

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चुनाव कार्यक्रम: 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को आएंगे नतीजे

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल 2026 को संपन्न होगा। राज्य की सभी सीटों पर एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सभी की निगाहें 4 मई 2026 पर टिकी होंगी, जब वोटों की गिनती की जाएगी और चुनाव परिणाम घोषित होंगे। मौजूदा केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जिससे पहले नई सरकार का गठन अनिवार्य है। गर्मी की छुट्टियों और मानसून से पहले चुनाव संपन्न कराने का निर्णय मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

पिछले चुनाव का फ्लैशबैक: क्या फिर चलेगा विजयन का जादू?

यदि हम अप्रैल 2021 के विधानसभा चुनाव परिणामों पर नजर डालें, तो माकपा (CPI-M) के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 99 सीटें जीती थीं। इस ऐतिहासिक जीत के साथ पिनाराई विजयन ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जो केरल की दशकों पुरानी ‘सत्ता परिवर्तन’ (हर पांच साल में सरकार बदलना) की परंपरा के विपरीत था। उस समय कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) केवल 41 सीटों पर सिमट गया था। अब 2026 में सवाल यह है कि क्या वामपंथी अपना किला बचाने में सफल होंगे या कांग्रेस की नई रणनीति रंग लाएगी।

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