Kedarnath Route Accident : देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के ट्रेकिंग मार्ग पर दो युवा तीर्थयात्री एक भीषण हादसे का शिकार हो गए। इस दुखद घटना में जहाँ एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर पोल संख्या 337 और 340 के बीच यह हादसा तब हुआ, जब दोनों युवक मुख्य सुरक्षित रास्ते को छोड़कर एक अनधिकृत और बेहद खतरनाक शॉर्टकट रास्ते से नीचे उतरने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों अनियंत्रित होकर सीधे गहरी और पथरीली खाई में जा गिरे।
एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने खाई से निकाला बाहर
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीओसी) को जैसे ही बुधवार को इस गंभीर हादसे की सूचना मिली, प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। बिना समय गंवाए राहत और बचाव दल को आपातकालीन स्थिति में घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) बड़ी लिंचोली की जांबाज टीम के साथ वाईएमएफ (YMF) के कर्मी और स्थानीय पुलिस बल के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। खाई की गहराई और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन बचाव कर्मियों ने बेहद सूझबूझ और मुस्तैदी के साथ दोनों युवकों तक पहुँचने के लिए अपना संयुक्त अभियान शुरू किया।
घायल मोहित का रेस्क्यू
सघन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद खाई में फंसे एक घायल तीर्थयात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसे तुरंत प्राथमिक उपचार देने के लिए पास ही स्थित छोटी लिंचोली के मेडिकल रिलीफ पॉइंट (MRP) में भर्ती कराया गया। घायल युवक की पहचान 27 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है, जो उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके का रहने वाला है। डॉक्टरों द्वारा की गई प्रारंभिक चिकित्सा जांच में सामने आया कि ऊंचाई से गिरने के कारण मोहित के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक चिकित्सा सहायता देने के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे गौरीकुंड रेफर कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के प्रियांशु की मौत
इस हादसे का दूसरा पहलू बेहद दुखद रहा। रेस्क्यू टीमों ने जब दूसरे तीर्थयात्री को खाई से बाहर निकाला, तब तक उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। वाईएमएफ कर्मियों और आपदा प्रबंधन के स्वयंसेवकों ने उसे फौरन भीमबली स्थित चिकित्सा राहत केंद्र पहुँचाया। हालांकि, वहाँ मौजूद डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की शिनाख्त उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के निवासी प्रियांशु शुक्ला (27 वर्ष) के तौर पर हुई है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के मुताबिक, प्रियांशु के शव को पहले गौरीकुंड लाया जा रहा है, जिसके बाद पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए उसे रुद्रप्रयाग के जिला अस्पताल भेजा जाएगा।
अलर्ट पर प्रशासन
इस समय केदारनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके मद्देनजर उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर है। अत्यधिक ऊंचाई, ऑक्सीजन की कमी और पल-पल बदलते चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण कई तीर्थयात्री लगातार बीमार पड़ रहे हैं। इसके साथ ही पहाड़ों पर शॉर्टकट अपनाने के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बढ़ा है।
“गंभीर रूप से बीमार और घायल होने वाले श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम से तत्काल हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए फाटा और गुप्तकाशी के सुविधायुक्त अस्पतालों में पहुँचाया जा रहा है। जिन मरीजों को अत्यधिक आपातकालीन और विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है, उन्हें एयर एम्बुलेंस के माध्यम से सीधे ऋषिकेश एम्स (AIIMS) जैसे उच्च चिकित्सा केंद्रों तक एयरलिफ्ट किया जा रहा है।” — स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखंड शासन










