Kaushambi Blast Case: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के मनौरी क्षेत्र में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में प्रशासन ने अब कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में चल रहा है। इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है, जिसके चलते लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरी है और मुख्य आरोपी को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है।
इंस्पेक्टर और 6 एसआई सस्पेंड
प्रयागराज रेंज के आईजी अजय मिश्र ने इस पूरे मामले में भारी प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए कड़े कदम उठाए हैं। पटाखा फैक्ट्री के अवैध संचालन की सूचना न देने और अपनी ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में एक इंस्पेक्टर और 6 सब-इंस्पेक्टर (SI) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
इसके अलावा, कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक (SP) सत्यनारायण प्रजापत ने पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। चायल के चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी, पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल के साथ-साथ बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार पर भी विभागीय गाज गिरी है। इन सभी पुलिसकर्मियों पर घनी आबादी के बीच अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री की जानकारी समय रहते उच्च अधिकारियों तक न पहुंचाने और लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप है।
मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
इस भीषण ब्लास्ट कांड का मुख्य आरोपी नौशाद घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम उसकी तलाश में जुटी थी। सोमवार को पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि नौशाद चरवा थाना क्षेत्र के तेरामिल के पास से भागने की फिराक में है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को पुलिस से घिरता देख आरोपी नौशाद ने पुलिस दल पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में जा लगी, जिसके बाद उसे धर दबोचा गया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है। घायल अवस्था में नौशाद को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने नौशाद के अलावा उसके भाई शकील, पत्नी कहकशां बानो, शकील की पत्नी शबाना, नौशाद के बेटे आदिल और शकील की बेटी साइना के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
ब्लास्ट में 11 की मौत और मुआवजे का ऐलान
पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार की सुबह करीब 11 बजे हुए इस जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसके असर से आसपास के करीब आधा दर्जन मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए, जबकि एक दर्जन से अधिक घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मलबे को हटाने और राहत-बचाव कार्य के दौरान अब तक 11 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 6 गंभीर घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
इस भयंकर दुर्घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों के समुचित और बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में प्रशासन की नाक के नीचे अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन कैसे चल रहा था, इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने लापता लोगों के परिजनों की पीड़ा का जिक्र करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे की मांग की है।
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