UP Politics: कौशल किशोर के तेवर से BJP में हलचल, ‘गेंद’ वाले बयान ने बढ़ाई टेंशन

उत्तर प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता कौशल किशोर की नाराजगी ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है। संगठन में कथित उपेक्षा, सुरक्षा वापस लिए जाने और कार्यकर्ताओं की सुनवाई न होने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं। उनके ‘गेंद अब नीचे आ रही है’ वाले सोशल मीडिया पोस्ट ने बीजेपी में उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 3, 2026

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UP Politics: उत्तर प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ दलित नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर के बागी तेवरों ने पार्टी के भीतर नई सियासी चर्चा छेड़ दी है। संगठन में कथित उपेक्षा, सुरक्षा वापस लिए जाने और प्रशासनिक स्तर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होने को लेकर कौशल किशोर ने अपनी ही पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उनके बयानों से ज्यादा चर्चा उनके सोशल मीडिया पोस्ट की हो रही है।

UP BJP में उपेक्षा का आरोप, कौशल किशोर ने खोला मोर्चा

कौशल किशोर का आरोप है कि उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों, बैठकों और सरकारी आयोजनों से लगातार दूर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें कार्यक्रमों की जानकारी तक नहीं दी जाती। उनका दावा है कि उन्हें राजनीतिक तौर पर हाशिए पर धकेलने की कोशिश की जा रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई है।

कौशल किशोर बोले- ‘मुझे किनारे करने की कोशिश हो रही है’

एक बातचीत में कौशल किशोर ने पार्टी के भीतर अपनी स्थिति को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग उन्हें सुनियोजित तरीके से किनारे करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, संगठन की बैठकों से लेकर सार्वजनिक और सरकारी कार्यक्रमों तक में उनकी अनदेखी की जा रही है।

यहीं नहीं, कौशल किशोर ने अपने राजनीतिक सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक परिवार या महल से निकलकर राजनीति में नहीं आए, बल्कि संघर्ष के रास्ते यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वह 15 चुनाव लड़ चुके हैं, जिनमें 12 में उन्हें हार मिली। ऐसे में उन्हें डराने या राजनीतिक रूप से दबाने की कोशिश का कोई मतलब नहीं है।

कौशल किशोर के पोस्ट से सियासी अटकलें

कौशल किशोर का 31 अगस्त का सोशल मीडिया पोस्ट अब राजनीतिक चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। उन्होंने एक मित्र का हवाला देते हुए लिखा कि ‘गेंद जितनी ऊपर जानी थी, चली गई, अब वह नीचे आ रही है।’ उन्होंने आगे संकेत दिया कि नीचे आने की रफ्तार लगातार बढ़ती जाती है और गिरती हुई गेंद की रफ्तार को कोई कम नहीं कर सकता।

इस पोस्ट को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। कई लोग इसे बीजेपी की मौजूदा कार्यप्रणाली और सत्ता व्यवस्था पर अप्रत्यक्ष हमला मान रहे हैं। हालांकि, कौशल किशोर ने इस पोस्ट में सीधे तौर पर किसी नेता का नाम नहीं लिया है।

BJP कार्यकर्ताओं की सुनवाई पर कौशल किशोर ने उठाए सवाल

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था और अफसरशाही को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी का जमीनी कार्यकर्ता निराश और हताश है। उनके मुताबिक, बूथ अध्यक्ष और पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता जब जनता की समस्याएं लेकर थानों और तहसीलों में पहुंचते हैं, तो कई जगह उनकी सुनवाई नहीं होती।

कौशल किशोर का कहना है कि कार्यकर्ता अपनी समस्याएं लेकर नेताओं के पास आते हैं, लेकिन अगर प्रशासनिक स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी जाएगी तो सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को पार्टी के लिए गंभीर चेतावनी बताया।

2024 लोकसभा चुनाव को लेकर भी कौशल किशोर के आरोप

कौशल किशोर ने 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि उस दौरान भी पार्टी के कुछ लोगों ने उनके खिलाफ काम किया था। हालांकि, उनके इन आरोपों पर बीजेपी की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मोहनलालगंज लोकसभा सीट से पूर्व सांसद रहे कौशल किशोर बीजेपी के प्रमुख दलित चेहरों में शामिल रहे हैं। ऐसे में संगठन को लेकर उनके लगातार सामने आ रहे बयान यूपी बीजेपी की अंदरूनी राजनीति के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।

क्या BJP छोड़ेंगे कौशल किशोर?

कौशल किशोर के बागी तेवरों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह भविष्य में बीजेपी से अलग रास्ता अपना सकते हैं। हालांकि, उन्होंने फिलहाल पार्टी छोड़ने का कोई ऐलान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह अभी भी पार्टी की मूल विचारधारा के साथ हैं, लेकिन जनहित के खिलाफ नीतियों और कार्यकर्ताओं के अपमान पर चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना है कि पार्टी उन्हें रखना चाहती है या नहीं, इसका फैसला नेतृत्व को करना है।

कौशल किशोर का संकेत- ‘फैसला नेतृत्व को करना है’

कौशल किशोर के बयानों से फिलहाल यही संकेत मिलता है कि उनकी नाराजगी पार्टी की विचारधारा से ज्यादा संगठनात्मक रवैये और कार्यकर्ताओं की स्थिति को लेकर है। लेकिन ‘गेंद नीचे आने’ जैसे बयान ने यूपी बीजेपी की अंदरूनी राजनीति को लेकर अटकलें जरूर तेज कर दी हैं। अब नजर बीजेपी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर है। सवाल यही है कि पार्टी कौशल किशोर की नाराजगी को किस तरह लेती है और क्या उन्हें मनाने या उनकी शिकायतों को दूर करने की कोई पहल होती है।

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