Kanpur News: कानपुर के पनकी सेक्टर-2 स्थित HDFC बैंक की शाखा उस समय जंग के मैदान में तब्दील हो गई, जब वहां तैनात एक महिला कर्मचारी ने पेशेवर मर्यादाओं को ताक पर रख दिया। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने बैंकिंग जगत और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में बैंककर्मी आस्था सिंह एक महिला ग्राहक के साथ न केवल अभद्रता करती दिख रही हैं, बल्कि हिंसक व्यवहार पर भी उतारू हैं।
Raebareli Road Accident: रायबरेली में दर्दनाक हादसा, मंदिर से लौट रही 7 लड़कियां कार की चपेट में
आस्था सिंह का हिंसक व्यवहार और बैंक परिसर में हंगामा
बताते चले कि, घटना के दौरान बैंक के भीतर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। वायरल वीडियो के अनुसार, महिला कर्मचारी आस्था सिंह ने गुस्से में आपा खो दिया और सामने खड़ी महिला ग्राहक पर भद्दी गालियों की बौछार कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आस्था सिंह ने हिंसक होकर ग्राहक पर हमला करने के इरादे से अपना लैपटॉप तक उठा लिया। वहां मौजूद अन्य बैंक कर्मियों ने बीच-बचाव कर उन्हें पकड़ने और शांत कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन कर्मचारी का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा था।
जातिसूचक अहंकार और दबंगई का प्रदर्शन
आपको बता दे कि, एक प्रतिष्ठित निजी बैंक (Private Bank) में काम करने के बावजूद, कर्मचारी के व्यवहार में पेशेवर संवेदनशीलता की भारी कमी देखी गई। विवाद के बीच आस्था सिंह अपनी जाति का हवाला देते हुए दबंगई दिखाती नजर आईं। उन्होंने चिल्लाते हुए ग्राहक को धमकी दी और कहा, “अपने पति को जाकर समझाओ… ठाकुर हूं मैं।” एक सार्वजनिक और व्यावसायिक संस्थान के भीतर इस तरह का जातिसूचक अहंकार और डराने-धमकाने का लहजा देखकर वहां उपस्थित ग्राहक और कर्मचारी दंग रह गए।
सोशल मीडिया पर जनता का आक्रोश और वायरल वीडियो
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर साझा किया गया, बैंक प्रबंधन और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नेटिजन्स ने HDFC बैंक को टैग करते हुए कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी भी सम्मानित संस्थान में इस तरह का हिंसक और जातिवादी व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, न्यूज़ चैनल्स और बैंक प्रबंधन ने इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इसकी कड़ी निंदा हो रही है।
पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
इस पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस की नजर बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने घटना का संज्ञान लिया है, लेकिन वर्तमान में किसी भी पक्ष (ग्राहक या बैंक कर्मचारी) की ओर से कोई लिखित शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। कानून व्यवस्था के जानकारों का कहना है कि यदि ग्राहक की ओर से लिखित शिकायत आती है, तो गाली-गलौज, धमकी देने और हमला करने के प्रयास की धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।










