Ayodhya Deepotsav 2026 : अयोध्या में पांच नवंबर से दीपोत्सव, 33 लाख दीपों से सजेगी रामनगरी

अयोध्या में 10वां दीपोत्सव पांच नवंबर से शुरू होगा। रामनगरी में इस बार 33 लाख दीप जलाने की तैयारी की जा रही है। दीपोत्सव के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रशासन ने आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अब सभी की नजर पूरे कार्यक्रम और दीप प्रज्वलन के भव्य आयोजन पर है।

Ayodhya Deepotsav 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 5, 2026

Ayodhya Deepotsav 2026 : अयोध्या में इस वर्ष 10वें दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह भव्य आयोजन पांच से सात नवंबर तक चलेगा। राम की पैड़ी समेत करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में 33 लाख मिट्टी के दीप जलाए जाएंगे। इससे सरयू तट और रामनगरी का वातावरण दीपों की रोशनी से जगमगा उठेगा। प्रशासन ने आयोजन को भव्य बनाने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया है।

33 लाख दीपों के लिए 55 हजार लीटर तेल की तैयारी

दीपोत्सव में लाखों दीपों को एक साथ प्रज्वलित करने के लिए बड़े स्तर पर सामग्री जुटाई जा रही है। प्रशासन की ओर से करीब 55 हजार लीटर तेल और 65 लाख बातियों की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा दीप प्रज्वलन में इस्तेमाल होने वाली टी-शर्ट, मोमबत्ती, करीब 150 किलो कपूर और अन्य जरूरी सामग्री की खरीद प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए पांच अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं।

राम की पैड़ी पर बनेगा विशेष मंच

श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की ओर से दीपोत्सव का आयोजन कराया जाएगा। राम की पैड़ी पर विशेष स्टेज तैयार किया जाएगा, जहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। दीपों से सजे घाट, सरयू तट और रोशनी से जगमगाते प्रमुख मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे। अयोध्या के प्रमुख मंदिरों की एलईडी सजावट की तैयारियां भी चल रही हैं। घाटों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।

34 हजार वालंटियर संभालेंगे जिम्मेदारी

इस बार दीपोत्सव की व्यवस्थाओं में करीब 34 हजार वालंटियर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्वयंसेवकों को दीप प्रज्वलन के साथ आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं संभालने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। आयोजन में बड़ी संख्या में छात्र भी शामिल होंगे। करीब 34 हजार छात्रों के खान-पान की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि वे दीपोत्सव में सक्रिय रूप से भाग ले सकें।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस

दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में दीपों की कतारों के साथ फूलों की सजावट और प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और भीड़ प्रबंधन प्रभावी तरीके से किया जा सके।

दीपोत्सव से बढ़ेगी अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाला दीपोत्सव धार्मिक आयोजन के साथ अयोध्या की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को भी मजबूत करने वाला कार्यक्रम बन चुका है। हर वर्ष देश-विदेश से लोग इस आयोजन को देखने अयोध्या पहुंचते हैं। रामनगरी की सजावट, दीपों की रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान करते हैं।

टेंडर पूरा होते ही शुरू होगी सामग्री की आपूर्ति

अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक सामग्री की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। वालंटियरों के प्रशिक्षण और छात्रों के भोजन की व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य आयोजन से पहले सभी तैयारियां पूरी करना है। नवंबर में होने वाला 10वां दीपोत्सव 33 लाख दीपों की रोशनी के साथ अयोध्या की भव्यता को एक नया स्वरूप देने के लिए तैयार है।

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