Kanpur Hawala Racket: कानपुर में हवाला रैकेट का भंडाफोड़, दो करोड़ नकद और 61 किलो चांदी जब्त

कानपुर पुलिस ने धनकुट्टी में रामकांत गुप्ता के घर पर छापा मारकर करोड़ों की नकदी और 61 किलो चांदी जब्त की है। नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ीं। जांच में नेपाल और दिल्ली तक फैले हवाला नेटवर्क के सबूत मिले हैं। आखिर इस काले कारोबार का असली मास्टरमाइंड कौन है?

Kanpur Hawala Racket

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 23, 2026

Kanpur Hawala Racket: कानपुर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर धनकुट्टी इलाके में एक घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित मकान पर छापेमारी कर हवाला और अवैध मुद्रा लेन-देन से जुड़े बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई से न केवल अवैध आर्थिक गतिविधियों पर प्रहार हुआ है, बल्कि काले धन के नेटवर्क को भी करारा झटका लगा है।

छापेमारी में भारी मात्रा में नकदी और चांदी बरामद

पुलिस की इस सघन कार्रवाई के दौरान मौके से करीब दो करोड़ रुपये नकद और लगभग 61 किलोग्राम चांदी बरामद की गई है। बरामद चांदी की बाजार कीमत भी लगभग दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने नेपाली मुद्रा भी जब्त की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस अवैध कारोबार का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हो सकता है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती धातु की बरामदगी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

चार आरोपियों की गिरफ्तारी, मकान मालिक पर शक

छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार लोगों को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस मकान पर कार्रवाई की गई, वह किसी गुप्ता नामक व्यक्ति से जुड़ा बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इसी मकान से हवाला और अवैध लेन-देन का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे रैकेट की परतें खोली जा सकें।

वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली कमान

कार्रवाई की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और ज्वाइंट कमिश्नर विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन की निगरानी की और क्राइम ब्रांच की टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह छापेमारी कानपुर पुलिस की उस विशेष मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत हवाला कारोबार, काले धन और अवैध धन संचय के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का बयान: बड़ा गिरोह, और भी नाम आ सकते हैं सामने

एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गुप्त सूचना पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह एक बड़े संगठित गिरोह का मामला प्रतीत हो रहा है, जिसमें और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क, धन के स्रोत और प्राप्तकर्ताओं की जानकारी जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे होने की संभावना है।

नेपाल तक फैले नेटवर्क की आशंका

बरामद नेपाली करेंसी से यह संकेत मिला है कि हवाला नेटवर्क का संबंध नेपाल से भी हो सकता है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के जरिए देश और विदेश में अवैध धन का लेन-देन किया जा रहा था। ऐसे रैकेट न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आतंकवाद, तस्करी और अन्य संगठित अपराधों को भी वित्तीय सहायता प्रदान कर सकते हैं।

बैंक खातों और डिजिटल डेटा की गहन जांच जारी

फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा, संपत्तियों और सहयोगियों की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी ठिकानों पर छापेमारी की जा सकती है। इस कार्रवाई से कानपुर के नागरिकों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है और यह संदेश गया है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जांच जारी है और जल्द ही और अहम खुलासे होने की उम्मीद है।