Kanpur News: अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का सनसनीखेज भंडाफोड़! आहूजा अस्पताल में चल रहा था अंगों की तस्करी का काला खेल

उत्तर प्रदेश के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के एक बहुत बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। रावतपुर के आहूजा अस्पताल समेत कई ठिकानों पर क्राइम ब्रांच की छापेमारी के बाद डॉक्टर दंपत्ति और दलाल शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरोह द्वारा मजबूर लोगों को फंसाकर लाखों रुपयों में किडनी बेची जा रही थी।

Kanpur News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 1, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर के रावतपुर इलाके में स्थित ‘आहूजा अस्पताल’ (Ahuja Hospital) से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरी इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। इस चिकित्सालय में इलाज के पवित्र नाम पर अवैध किडनी ट्रांसप्लांट (Human Organ Trafficking) का एक बहुत बड़ा और खौफनाक नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जैसे ही इस काले धंधे का पर्दाफाश हुआ, अस्पताल का पूरा स्टाफ और प्रबंधन रातों-रात ताला लगाकर रफूचक्कर हो गया।

अस्पताल के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने दबी जुबान में सारा सच बयां करते हुए बताया कि पुलिस यहां के डॉक्टर दंपत्ति को गिरफ्तार करके ले गई है, जिसके बाद डर के मारे बाकी कर्मचारी भी भाग निकले। रिसेप्शन पर खुले पड़े लावारिस रजिस्टर और इमरजेंसी वार्ड में स्टैंड पर टंगी आधी खाली ड्रिप इस बात की मूक गवाही दे रही हैं कि यहां मानवता को शर्मसार करने वाला यह अवैध धंधा कितनी बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा था।

अवैध ऑर्गन ट्रांसप्लांट का शातिर नेटवर्क

पुलिस की सघन और शुरुआती जांच-पड़ताल में यह बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया है कि डॉक्टर प्रीति आहूजा और उनके पति डॉक्टर सुरजीत सिंह आहूजा का यह संगठित आपराधिक सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ये सफेदपोश अपराधी दलालों के एक बड़े जाल के जरिए समाज के सबसे गरीब, लाचार और जरूरतमंद लोगों को अपने चंगुल में फंसाते थे। उन्हें चंद लाख रुपयों का लालच देकर उनके शरीर से गुर्दा (Kidney) निकाल लिया जाता था। इस रैकेट की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड के एक सीधे-साधे युवक को 10 लाख रुपये देने का झांसा देकर उसकी किडनी निकाल ली गई, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसे पूरे पैसे तक नहीं दिए गए।

जांच में पता चला है कि उसी युवक की निकाली गई किडनी का सौदा एक अमीर रसूखदार महिला मरीज के परिवार से करीब 90 लाख रुपये की मोटी रकम में किया गया था। कानून के लंबे हाथों से बचने के लिए ये शातिर लोग डोनर (अंग देने वाले) और रिसीवर (अंग पाने वाले) को ऑपरेशन पूरा होते ही अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर बंधक बनाकर छिपा देते थे।

एमबीए छात्रों को फंसाने वाला बिचौलिया

इस पूरे अंतरराष्ट्रीय स्तर के किडनी कांड का मुख्य मोहरा और मास्टरमाइंड ‘शिवम अग्रवाल’ नाम का एक शातिर बिचौलिया (Broker) था। वह शहर के जरूरतमंद कॉलेज छात्रों और गरीब मजदूरों को पैसों का प्रलोभन देकर इस दलदल में धकेलता था। पुलिस की फाइल में यह डरावना सच भी दर्ज हुआ है कि अच्छी नौकरियों का सपना देखने वाले एमबीए (MBA) के छात्र-छात्राओं तक को चंद रुपयों के कमीशन के बदले इस अवैध व्यापार की दलाली में झोंक दिया गया था। आहूजा अस्पताल के अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर में बिना किसी कानूनी सर्टिफिकेशन या सरकारी अनुमति के ये जटिल सर्जरीज की जाती थीं।

अस्पताल का लालची प्रबंधन हर एक अवैध ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए साढ़े तीन से चार लाख रुपये की भारी-भरकम टेबल फीस वसूलता था। इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब अवैध कमाई के रुपयों के बंदरबांट को लेकर गिरोह में आपस में ही सिर फुटौव्वल हो गई और एक पीड़ित डोनर ने अपनी जान पर खेलकर हिम्मत जुटाई और पुलिस थाने पहुंचकर आपबीती दर्ज करा दी।

क्राइम ब्रांच की ताबड़तोड़ छापेमारी

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए कानपुर की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने शहर के कई नामी-गिरामी अस्पतालों में एक साथ दबिश दी। इस बड़ी छापेमारी में आहूजा अस्पताल के अलावा ‘प्रिया’ और ‘मेडलाइफ’ हॉस्पिटल भी पुलिस के शक के घेरे में आ गए हैं। जांच एजेंसी ने इन सभी जगहों से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, फर्जी मेडिकल फाइलें और सैकड़ों मरीजों का गोपनीय डेटा अपने कब्जे में ले लिया है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉक्टर दंपति समेत मुख्य दलाल शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस की स्पेशल टीम अब उन कड़ियों को आपस में जोड़ रही है जहां किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले रईस मरीजों को गुपचुप तरीके से शिफ्ट किया गया था। फिलहाल, आहूजा अस्पताल को सील कर दिया गया है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मौत के काले कारोबार के तार देश के और किन बड़े महानगरों से जुड़े हुए हैं।

2